Jharkhand

BCCL: कोयला उत्पादन से  विस्थापितों को रोजगार तक, क्या हो रही ठोस पहल,क्या होंगे फायदे

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
BCCL: कोयला उत्पादन से  विस्थापितों को रोजगार तक,  क्या हो रही ठोस पहल,क्या होंगे फायदे

धनबाद(DHANBAD): कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई बीसीसीएल अब कोयला उत्पादन से आगे बढ़कर विस्थापितों के रोजगार की ओर काम शुरू कर दिया है.  बीसीसीएल क्षेत्र से विस्थापित परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर तलाशने  के उद्देश्य से काम शुरू हो गया है. वस्त्र उद्योग की संभावना तलाशी   जा रही  है. .  इसी क्रम में बेंगलुरू स्थित आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड की इकाई ने बेलगड़िया  का भ्रमण किया है.  बीसीसीएल के सीएमडी भी टीम के साथ थे.  

दौरे के निष्कर्ष से बनेगी भविष्य की योजना 

भ्रमण के दौरान टीम ने फैक्ट्री में चल रही उत्पादन प्रणाली, आपूर्ति श्रृंखला, गुणवत्ता प्रबंधन और तकनीकी व्यवस्थाओं का विस्तार से अवलोकन किया।  इस दौरे  के निष्कर्ष के आधार पर बीसीसीएल भविष्य की कार्य योजना तैयार करेगी।  जिससे  स्थानीय लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगें.

बीसीसीएल रोजगार को लेकर काफी गंभीर है.  इसी को ध्यान में रखकर इस पर काम कर रही है.  इस दौरान दोनों पक्षों के बीच संभावित सहयोग, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त औद्योगिक माडल और पुनर्वासित परिवारों के लिए रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई है. 

व्यावहारिक पहलुओं पर भू हुई चर्चा 

 दोनों ओर से व्यावहारिक पहलुओं और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए गए . उल्लेखनीय है कि बीसीसीएल क्षेत्र के विस्थापित लोगों को बेलगड़िया  में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है.  लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए नई-नई पहल की जा रही है.  कोयला मंत्रालय से लेकर बीसीसीएल मैनेजमेंट के अलावे जिला प्रशासन भी इस काम में सक्रिय है.  लोगों को अधिक से अधिक रोजगार कैसे उपलब्ध कराया जाए, जिससे  उनका  जीवन सरल हो सके, इसके उपाय किए जा रहे है.  इसी कड़ी में कपड़ा उद्योग की पहल एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आई है.