धनबाद (DHANBAD): कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई बीसीसीएल बोर्ड ने कोयले की मूल्य वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. कीमतों में 0.1% से लेकर 14% तक की वृद्धि की गई है. कोयले की कीमतों में संशोधन से बीसीसीएल को अतिरिक्त 2000 करोड रुपए सालाना का राजस्व प्राप्त हो सकता है. यह आंकड़ा कम-ज्यादा भी हो सकता है. हालांकि अधिकृत सूत्रों का कहना है कि कुछ ग्रेड के कोयले की कीमतों में अंतर को संतुलित करने के लिए यह फैसला लिया गया है.
बीसीसीएल के चुनिंदा ग्रेड के कोकिंग कोयले की कीमत बढ़ने से उन उपभोक्ताओं की उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जो कंपनी से कच्चा कोयला खरीदने हैं. इसमें इस्पात और स्पंज आयरन उद्योग शामिल हैं. लागत बढ़ोतरी का असर संबंधित उत्पादों की कीमत पर भी पड़ सकता है. हालांकि यह मांग बाजार की स्थिति और कंपनियों की लागत बहन करने की क्षमता पर निर्भर करेगा.
इधर, यह भी कहा जा रहा है कि कीमत वृद्धि की वजह बीसीसीएल पर वित्तीय भार है. कोयले की कीमत में वृद्धि से बीसीसीएल को एरियर एवं बोनस से पड़ने वाले वित्तीय भार से राहत मिल सकती है. विदित हो की 10 अक्टूबर को बीसीसीएल ने अफसरो को एरियर का भुगतान किया है. 15 अक्टूबर तक कोयलाकर्मियों को बोनस का भुगतान करना है. वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को नुकसान हुआ है. प्राइम कोकिंग कोल में कोयले के ग्रेड के अनुसार कुछ इस प्रकार वृद्धि की गई है:
श्रेणी की वर्तमान और नयी दरें
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ग्रेड वर्तमान दर (₹/टन) नयी दर (₹/टन) वृद्धि (₹/टन)
स्टील ग्रेड-1 6,163 7,000 837
स्टील ग्रेड-2 5,927 6,500 573
डब्ल्यू-1 5,290 5,290 0
डब्ल्यू-2 4,427 4,480 53
डब्ल्यू-3 3,529 3,700 171
डब्ल्यू-4 3,336 3,350 14
डब्ल्यू-5 2,688 2,960 272
डब्ल्यू-6 2,477 2,700 223
