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Jharkhand

धनबाद के बारामुड़ी खटाल पर प्रशासन का शिकंजा, 18 एकड़ जमीन खाली कराने की तैयारी

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): धनबाद के बारामुड़ी खटाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. बारामुड़ी खटाल में अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई हैं.  करीब 18 एकड़ सरकारी जमीन की मापी, सीमांकन और वहा बने अस्थायी घरों की नंबरिंग की जा रही है.  प्रशासन की इस कार्रवाई से खटाल में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा मंडराने लगा है.  वर्ष 2005 में बेकारबांध से हटाकर इन परिवारों को बारामुड़ी में बसाया गया था.  करीब 21 साल बाद अब प्रशासन ने इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कवायद शुरू की है. 

इधर, कार्रवाई के विरोध में झरिया की पूर्व विधायक आबो देवी के नेतृत्व में खटाल परिवारों का प्रतिनिधिमंडल समाहरणालय पहुंचा और डीसी आदित्य रंजन से मुलाकात की.  प्रतिनिधिमंडल ने परिवारों को नहीं हटाने की मांग की.  साथ ही, यदि हटाना जरूरी हो तो पहले सभी के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने और पर्याप्त समय देने का आग्रह किया गया. पूर्व विधायक आबो देवी ने कहा कि तत्कालीन डीसी बीला राजेश के कार्यकाल में जनता दरबार लगाकर करीब 20 से 21 साल पहले इन परिवारों को यहां बसाया गया था। ऐसे में अब उन्हें उजाड़ना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना उचित व्यवस्था के परिवारों को हटाया गया तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।वहीं, कांग्रेस नेता सुंदर यादव ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने आवास, रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है. 

इधर, डीसी आदित्य रंजन ने प्रशासन का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि बारामुड़ी खटाल में लगातार अवैध आपराधिक गतिविधियों की सूचनाएं मिल रही हैं.  पिछले दिनों पुलिस ने यहां से हथियार भी बरामद किया था। डीसी ने ड्रग्स, चरस और अन्य मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।डीसी ने यह भी कहा कि शहर में खटाल होने और मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने से आम लोगों को परेशानी होती है। मवेशियों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारामुड़ी खटाल की जमीन सरकारी है और इसे हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।फिलहाल, एक तरफ प्रशासन सरकारी जमीन खाली कराने के अपने फैसले पर अडिग है, तो दूसरी तरफ खटाल परिवार अपने आशियाने और भविष्य को लेकर चिंतित है.