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Jharkhand

बारामुड़ी खटाल मामला: 155 परिवारों को नोटिस,डीसी ने कहा-पक्के मकान टूटेंगे,शहर को साफ सुधरा रखने में मदद करें

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद : बारामुड़ी खटाल में अतिक्रमण का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर सियासी मुद्दा बन गया है. करीब 155 परिवारों के आशियाने पर संकट के बीच नेताओं का पहुंचना जारी है. कोई परिवारों को भरोसा दिला रहा है, तो कोई प्रशासन और सरकार पर सवाल उठा रहा है. इसी बीच बुधवार को धनबाद के अंचल अधिकारी (CO) बारामुड़ी खटाल पहुंचे और पहले से चिह्नित मकानों पर नोटिस चिपकाए. प्रशासन ने संबंधित लोगों से 2 नवंबर तक जवाब मांगा है.

उपायुक्त ने बताई योजना और व्यवस्था सुधारने को कहा

बारामुड़ी खटाल मामले में धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पक्का निर्माण किया है, वे उसे खुद हटाने की पहल करें. साथ ही इलाके में साफ-सफाई का ध्यान रखें और खुले में घूमने वाले मवेशियों पर रोक लगाएं, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो.
उपायुक्त ने कहा कि इलाके के लोग अच्छे हैं. यदि वहां कोई गलत गतिविधियों में शामिल है या आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं, तो स्थानीय लोग प्रशासन को इसकी सूचना दें. इससे शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी.

उन्होंने बताया कि बुधवार को सिटी सेंटर से गुजरने के दौरान भी सड़क पर काफी मवेशी खड़े दिखाई दिए. उन्होंने आशंका जताई कि इनमें खटाल के ही मवेशी हो सकते हैं. उन्होंने खटाल संचालकों से इस दिशा में ध्यान देने और शहर को साफ-सुथरा रखने की अपील की, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.

कांग्रेस की टीम फिर पहुंची, परिवारों को दिया भरोसा

बारामुड़ी खटाल में कांग्रेस की टीम भी बुधवार को पहुंची. नेताओं ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और करीब 200 परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उनके साथ खड़े हैं. इससे पहले भी कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रभावित परिवारों के पक्ष में आवाज उठाई थी. कांग्रेस नेता अजय दुबे सहित धनबाद जिला अध्यक्ष संतोष सिंह उपस्थित रहे।

मंगलवार को सांसद ढुलू महतो ने की थी महापंचायत

इस मामले को लेकर मंगलवार को धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने बारामुड़ी खटाल में महापंचायत की थी. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधा. साथ ही धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब राज्य में उनकी पार्टी की सरकार है, तो फिर बिहार से नेताओं और सांसदों को क्यों बुलाया जा रहा है.

सांसद ने खटालवासियों को आश्वासन दिया कि वे उपायुक्त से बात करेंगे और कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए पहल करेंगे. उन्होंने लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की बात भी कही.

4 नवंबर को रैली निकालने की तैयारी

दूसरी ओर, खटाल बचाओ समिति ने भी आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है. समिति के सदस्य पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव से मुलाकात कर चुके हैं. समिति की ओर से 4 नवंबर को रैली निकालने की बात कही गई है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है.

अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी नजरें

फिलहाल जिला प्रशासन ने चिह्नित मकानों के मालिकों और संबंधित लोगों से 2 नवंबर तक जवाब मांगा है. दूसरी ओर, प्रभावित परिवार कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे हैं और राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं.

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाएगा या जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी? करीब 200 परिवारों के भविष्य को लेकर बारामुड़ी खटाल में असमंजस बना हुआ है. सबकी नजरें अब प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हैं.

 

रिपोर्ट :प्रकाश महतो