धनबाद(DHANBAD): यूपीआई शुल्क को लेकर देश भर के कारोबारी गुस्से में हैं. उनका कहना है कि सरकार ने पहले डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सभी को नगद छोड़कर यूपीआई अपनाने पर जोर दिया. जब ग्राहक और दुकानदार इसके पूरी तरह से फ्रेंडली हो गए, तब इस पर टैक्स थोपा जा रहा है. यह तो सरासर धोखा है. इस संबंध में बैंक मोड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रमोद गोयल ने कई सवाल उठाए है. उन्होंने कहा है कि
UPI पेमेंट पर चार्ज क्या ये जनता के साथ धोखा नहीं है. सरकार बार-बार कह रही है कि उपभोक्ता_को_कोई_चार्ज नहीं देना है, चार्ज मर्चेंट देगा। लेकिन क्या ये सच है?Rs2000 की छूट का सच: Rs1लाख प्रति माह की सीमा पार होते ही चार्ज वसूली शुरू हो जाएगी।कोई भी समझदार मर्चेंट अलग से चार्ज नहीं मांगेगा, बल्कि वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए जाएंगे, बाजार में रोज झींक_झींक_झमेला शुरू हो जाएगी. मान ले कि दुकानदार चार्ज नहीं लेगा लेकिन अपनी UPI स्कैनर को हटा सकता ही है!
Rs10_में_4_की_जगह_3_पानीपूरी (25% का गुप्त चार्ज) Rs10_का_समोसा_₹11 में (10% का गुप्त चार्ज) Rs50_की_चाट_₹60 में (20% एक्स्ट्रा)
जहाँ 0.04% की बात हो रही थी, वहाँ जनता को 5% से 25% तक की अप्रत्यक्ष असहनीय कृत्रिम_महंगाई सहनी पड़ेगी। बेचारी जनता का 0.04% तो बच जाएगा, लेकिन इसके बदले 25% तक अतिरिक्त भुगतान की कीमत पर. डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के नाम पर यह सीधे-सीधे जनता और छोटे व्यापारियों के शोषण की तैयारी है!जब 2000 तक छूट है तो 1लाख का बैरियर क्यों?
उन्होंने सवाल किया है कि बैंक_सेलिब्रिटी पर कितना खर्च करता है?SBI अकेला अमिताभ बच्चन और धोनी पर साल का 80-100 करोड़ देता है, सिर्फ ये कहने के लिए कि हमारे यहाँ अकाउंट खोलो, UPI ने क्या दिया मुफ्त में सरकार को? 2016 में देश में 90 करोड़ बैंक खाते थे, आज 190 करोड़ से ज्यादा! सो, 100 करोड़ नए खाते सिर्फ UPI की वजह से बैंको को मिले। जनधन खाते में जो 2.5 लाख करोड़ जमा है, उसका 70% लेनदेन UPI_से चलता है। एक नया ग्राहक लाने का खर्च (Customer Acquisition Cost) बैंक के लिए Rs800-1000_रुपया है। UPI ने करोड़ों ग्राहक 0 रुपये में ला कर दे दिए।UPI_घाटे_का_सौदा_नहीं बल्कि सबसे_सस्ता_मार्केटिंग_हैबैंक को उल्टा सोचना चाहिए - जो दुकानदार दिन में 100 बार UPI लेता है, उसे तो बोनस दो, उसे लोन_पर_छूट दो, क्योंकि वो तुम्हारे बैंक का चलता_फिरता_विज्ञापन है! धोनी,सचिन,अमिताभ बच्चन को करोड़ देकर ग्राहक लाते हो, और जो UPI करोड़ों ग्राहक लाया, उस_पर_टैक्स? यह अन्याय ,धोखा नहीं तो और क्या है?
