Jharkhand

झारखंड के नाम एक और उपलब्धि! IIT-ISM स्कॉलर को इटली में 41 लाख की नौकरी

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): धनबाद स्थित आईआईटी (आईएसएम) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ी है. संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी स्कॉलर डॉ. शत्रुघ्न ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. उन्हें इटली की कंपनी हंसा-टीएमपी में डिजाइन इंजीनियर के पद पर नौकरी मिली है. वह इटली के मोडेना में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे. इस नौकरी के लिए उन्हें सालाना 37,000 यूरो यानी करीब 41 लाख रुपये का पैकेज मिलेगा. डॉ. शत्रुघ्न ठाकुर ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार के सुपरविजन में अपनी पीएचडी रिसर्च पूरी की है. उनके चयन में पीएचडी के दौरान हासिल की गई टेक्निकल नॉलेज, रिसर्च एक्सपीरियंस और डिजाइन से जुड़ी विशेषज्ञता की अहम भूमिका रही.

डॉ. ठाकुर ने अपनी उपलब्धि पर कहा कि वह आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, अपने सुपरवाइजर डॉ. अजीत कुमार और कर्टिन यूनिवर्सिटी के आभारी हैं. इन संस्थानों ने उनकी अकादमिक और रिसर्च जर्नी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि इटली में डिजाइन इंजीनियर के तौर पर काम करने का अवसर उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. वह पीएचडी के दौरान हासिल ज्ञान और कौशल को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक माहौल में इस्तेमाल करने को लेकर उत्साहित हैं. दरअसल, डॉ. शत्रुघ्न ठाकुर को पीएचडी के दौरान आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी के बीच संचालित कोलैबोरेटिव डॉक्टोरल प्रोग्राम (CDP) के लिए भी चुना गया था. इस प्रोग्राम के तहत उन्हें आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के डॉ. अजीत कुमार और कर्टिन यूनिवर्सिटी की प्रो. अपर्णा घोष से संयुक्त मार्गदर्शन मिला.

पीएचडी के अंतिम वर्ष में डॉ. ठाकुर ने कर्टिन यूनिवर्सिटी में करीब एक साल बिताया. इस दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक और रिसर्च का अनुभव हासिल करने का मौका मिला. इस अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर ने उनके तकनीकी और रिसर्च कौशल को और मजबूत किया, जिसका फायदा उन्हें नौकरी के चयन में भी मिला. डॉ. अजीत कुमार ने डॉ. शत्रुघ्न ठाकुर की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह संस्थान के लिए गर्व की बात है. उन्होंने बताया कि शत्रुघ्न ने अपनी रिसर्च के दौरान काफी मेहनत की और टेक्निकल नॉलेज के साथ-साथ प्रॉब्लम सॉल्विंग तथा डिजाइन से जुड़ी बेहतर समझ विकसित की. पीएचडी के बाद इटली में डिजाइन इंजीनियर के रूप में काम करने का अवसर उनकी मेहनत और क्षमताओं को दर्शाता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. ठाकुर इस अंतरराष्ट्रीय अवसर का बेहतर इस्तेमाल करते हुए अपने करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे.