धनबाद(DHANBAD) | धनबाद कांग्रेस में दो कांग्रेस, एक कमल छाप कांग्रेस तो दूसरा अनूप कांग्रेस. यह बात हम नहीं कह रहे हैं बल्कि नाराज कांग्रेस के नेताओं का यह सीधा आरोप है कि धनबाद जिला कांग्रेस में दो कांग्रेस चल रही है. एक कांग्रेस में भाजपा के नेताओं का सहयोग है, तो दूसरी कांग्रेस में बेरमो विधायक अनूप सिंह का समर्थन है. दोनों कांग्रेस धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में ही चल रही है. बुधवार को गांधी सेवा सदन में कांग्रेस बचाओ समिति के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने सत्याग्रह किया और जिला अध्यक्ष को हटाने की मांग की. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश्वर सिंह यादव कर रहे थे.
क्यों विरोधियों के निशाने पर है जिला अध्यक्ष
उन्होंने कांग्रेस जिला अध्यक्ष की कार्यशैली की आलोचना की. उनका आरोप है कि वर्तमान नेतृत्व के कारण संगठन कमजोर हुआ है. कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की. दरअसल, धनबाद जिला कांग्रेस में गजब की राजनीति चल रही है. विरोध करने वालों का कहना है कि जिला अध्यक्ष कांग्रेस संगठन से अधिक व्यक्ति विशेष के राजनीतिक हितों की रक्षा कर रहे है. उनका कहना है कि जिला अध्यक्ष 202 9 लोकसभा के लिए विधायक अनूप सिंह की पत्नी अनुपमा सिंह के लिए जमीन तैयार कर रहे है. बता दें कि 2024 में अनुपमा सिंह धनबाद लोकसभा से उम्मीदवार थी. इधर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने इनकी गतिविधियों को बेकार बताते हुए कहा कि वह लोग कांग्रेस में है ही नहीं।
राहुल गांधी के प्रयासों पर फिर रहा पानी -
राहुल गांधी पूरे देश में कांग्रेस को एकजुट करने में लगे हुए है. प्रदेश कांग्रेस के स्तर से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए कई कार्यशाला आयोजित की गई, लेकिन कांग्रेसी एकजुट हो नहीं रहे है. विरोध के स्वर लगातार तेज हो रहे हैं, यह विरोध तब से अधिक तेज हो गया है, जब झारखंड में 25 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुई. उसी के बाद से विरोध और अधिक तेज हुआ. प्रदेश नेतृत्व के साथ-साथ केंद्रीय नेतृत्व तक भी विरोधियों ने अपनी बात पहुंचाई, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला।
क्यों बनाई गई है कांग्रेस बचाओ समिति ,अब आगे क्या ----
अब कांग्रेस बचाओ समिति बनी है. इस समिति में जिला समिति से नाराज लोग हैं. उनका कहना है कि समर्पित कार्यकर्ताओं की हकमारी हो रही है. धनबाद जिला कांग्रेस में तो विवाद पूरी तरह से सड़क पर आ गया है. धनबाद जिला कांग्रेस में एक नहीं ,दो कांग्रेस दिख रही है. आरोपो का सिलसिला तेज है. धरना -सत्याग्रह का कार्यक्रम शुरू हो गया है. कहा जा रहा है कि धनबाद जिले में एक कांग्रेस अनूप कांग्रेस है तो दूसरा भाजपा कांग्रेस है. इसमें कितनी सच्चाई है, इसका खुलासा तो जांच के बाद ही हो पाएगा, लेकिन एक समय की कोयलांचल में समृद्ध कांग्रेस अब अपनी जमीन खोती जा रही है.
