धनबाद (DHANBAD): कोल इंडिया लिमिटेड अब कोयले के अवैध धंधे के "मगरमच्छों "की रीढ़ तोड़ने में जुट गई है. इसके साथ ही आउटसोर्सिंग कंपनियां में "खेल" को भी नियंत्रित करने में लग गई है. साथ ही दशकों पुरानी भूमिगत आग पर नियंत्रण के लिए तेजी से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं. अब कोल इंडिया कोयला खनन क्षेत्र की निगरानी सेटेलाइट के माध्यम से करवाएगी. इसके लिए कोल इंडिया और इसरो की एजेंसी नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के बीच एम ओ यू किया गया है.
सैटेलाइट डैशबोर्ड किया जाएगा विकसित
जानकारी के अनुसार कोल इंडिया ने खनन कार्यों की निगरानी मॉनिटरिंग और पर्यावरण मुद्दों को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के साथ करार किया है. इसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सैटेलाइट डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा. इससे अवैध खनन रोकने में भी मदद मिलेगी. उपग्रह द्वारा ली गई तस्वीरों से किसी भी अनाधिकृत और अवैध खनन की त्वरित पहचान की जा सकती है. धनबाद कोयलांचल में दशकों पुरानी भूमिगत आग पर नियंत्रण और निगरानी में भी मदद मिलेगी.
बीसीसीएल में पहुँचेंगें अतिरिक्त 500 जवान
इधर, यह पता चला है कि बीसीसीएल में कोयले की अवैध खनन और तस्करी पर रोक के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा है. हर संवेदनशील जगहों पर सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती की तैयारी है. इसके लिए बीसीसीएल में मौजूद 3000 सदस्यों के अतिरिक्त और 500 अतिरिक्त जवान पदस्थापित किए जाएंगे. इससे सम्बंधित ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है. सूत्रों के अनुसार जवानों के लिए स्वीकृति मिल गई है. बहुत जल्द नए जवान पहुंच जाएंगें. उल्लेखनीय है कि अवैध खनन एवं कोयला तस्करी पर रोक संबंधी अभियान गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है. सीआईएसएफ की व्यवस्था को भी टाइट किया जा रहा हैं. ताबड़तोड़ छापेमारी हो रही हैं.
