Jharkhand

कतरास के बाद झरिया बनी भू धंसान की "हॉट स्पॉट",बस्तकोला में एक के बाद एक कई घरों में दरारें हुई चौड़ी,मेयर के साथ पहुंचे अधिकारी

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद: कतरास के बाद झरिया भू धंसान का हॉट स्पॉट बन गया है.शनिवार को जैसे ही भू धंसान की घटना हुई. लोगों का आक्रोश बढ़ गया.प्रभावित लोग ठिकाने भी ढूंढ रहे है.झरिया के बस्ता कोला एरिया-9 अंतर्गत भगत डीह स्थित पुराने आरएसपी कॉलेज के पीछे कामिनी कल्याण क्षेत्र में शनिवार को भारी भू-धंसान और जमीन खिसकने की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. 

अचानक जमीन धंसने से दर्जनों घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं.घटना के बाद प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है और कई परिवार अपने जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं.
स्थानीय रैयतों और प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में भारी हैवी ब्लास्टिंग के बाद तेज आवाज के साथ जमीन खिसकने लगी. घटना में विजय रवानी, रमेश रवानी, भोला रवानी, आशीष रवानी, गोबिंद सिंह, विजय सिंह, बलराम रवानी, निरंजन रवानी, मानिक चंद रवानी और अजित रवानी समेत कई लोगों के मकान प्रभावित हुए हैं.

घटना की सूचना मिलने के बाद बस्ता कोला एरिया के जीएम एसके गायकवाड़ और धनबाद के मेयर संजीव सिंह मौके पर पहुंचे. दोनों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. घटना से आक्रोशित रैयतों ने सड़क जाम कर विरोध भी जताया.मेयर संजीव सिंह ने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकानों में अधिक दरारें आई हैं या मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें तत्काल बीसीसीएल के सुरक्षित क्वार्टरों में शिफ्ट कराने की तैयारी की जा रही है. 

उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को किसी भी स्थिति में असुरक्षित मकानों में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा.मेयर ने बताया कि भू-धंसान की वजह से इलाके में कुछ पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.इस संबंध में माडा के एसडीओ से बातचीत की गई है. एसडीओ को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने और सर्वे के बाद क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है.

 मेयर  ने कहा कि यदि क्षेत्र में हैवी ब्लास्टिंग को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो बस्ता कोला एरिया के राजापुर प्रोजेक्ट को बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने कहा कि इस संबंध में बीसीसीएल प्रबंधन और प्रोजेक्ट ऑफिसर को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए गए हैं. लोगों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.

 बस्ता कोला एरिया के जीएम एसके गायकवाड़ ने कहा कि प्रबंधन  राहत एवं बचाव को लेकर त्वरित प्रयास कर रहा है.उन्होंने प्रभावित लोगों से जरूरी कागजात तैयार रखने की अपील की, ताकि अग्नि प्रभावित एवं भू-धंसान प्रभावित लोगों को   नियमानुसार मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.उन्होंने बताया कि अधिक क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले लोगों को आसपास के खाली क्वार्टरों में शिफ्ट कराया जा रहा है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2017 में तत्कालीन उपायुक्त  के आदेश के बाद ट्रेंच कटिंग का हवाला देते हुए पुराने आरएसपी कॉलेज परिसर को खाली कराया गया था.अब उसी क्षेत्र में दोबारा भू-धंसान की घटना सामने आने से लोगों की पुरानी आशंकाएं बढ़ गई हैं.