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Jharkhand

कोयला चोरी के खिलाफ एक्शन: कोलियरी क्षेत्रों से बाहर निकला सीआईएसएफ तो महानिदेशक भी पहुंचे धनबाद 

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD):  कोयलांचल  में कोयला चोरी रोकने के लिए बीसीसीएल और सीआईएसएफ  का संयुक्त अभियान तेज हो गया है.  जानकारी के अनुसार सीआईएसएफ के महानिदेशक ने बीसीसीएल धनबाद इकाई का दौरा कर कोयला चोरी और तस्करी रोकने के लिए जवानों के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की है.  बीसीसीएल के सीएमडी के साथ भी उनकी  महत्वपूर्ण बैठक हुई.  बीसीसीएल और सीआईएसएफ के बीच बेहतर समन्वय के साथ कोयला चोरी रोकने पर जोर दिया गया.  बीसीसीएल और सीआईएसएफ फिलहाल जीरो कोल्  लीकेज लक्ष्य को प्रभावी बनाने के लिए काम कर रहे हैं.  

बता दें कि कोयला चोरी रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है.  इधर , सीआईएसएफ   अब कोलियरी  क्षेत्र से बाहर निकल कर शहरी इलाके में भी प्रवेश कर गया है.  सूचना के मुताबिक शुक्रवार को धनबाद के व्यस्ततम रणधीर वर्मा चौक पर सीआईएसएफ के जवानों ने जेसीबी मशीन के साथ छापेमारी की.  इस छापेमारी में बाइक और साइकिल से कोयला ढोने वालों के वाहन जब्त किये गए.  कोयले की बोरियों को जब्त  किया गया.  बाइक भी जब्त  की गई.  दरअसल, सड़क पर बाइक और साइकिल से कोयला ढोने का सिलसिला धनबाद की सड़कों पर रोज दिखता है.  शायद शहरी इलाके में सीआईएसएफ ने इस तरह की पहली कार्रवाई की है.  सीआईएसएफ के इस कार्रवाई  की चर्चा भी खूब हो रही है. 

 सूत्रों के अनुसार पिछले दो महीने में कोयला चोरी और तस्करी के खिलाफ कुल  1 022 छापे मारे गए.  इस दौरान 26 55.82 टन  कोयला बरामद किया गया और 74 वाहन  जब्त  किए गए.  इनमें 60 मोटरसाइकिल, टोटो -टेंपो और 12 साइकिल भी शामिल हैं.  दरअसल मनोज अग्रवाल के बीसीसीएल में कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही कोयला चोरी के खिलाफ तेज कार्रवाई शुरू हुई.  उसके बाद सीआईएसएफ   को और सशक्त बनाने का नियम भी आ गया.  फिर जीरो कोयला लीकेज पॉलिसी लागू हुई.  इसके बाद कोयला चोरों के खिलाफ अभियान तेज  कर दिया गया है.  यह अलग बात है कि कोयला चोरी को लेकर कतरास इलाके में आक्रोश है.  लोगों का आरोप है कि लगातार भू-धंसान  की घटनाओं के पीछे कोयला चोरी मुख्य वजह है.  कतरास में लगातार धंसान  के खिलाफ लोगों का आंदोलन गति पकड़ रहा है.  आरोप लगाया जा रहा है कि कतरास  शहर के पूरब , पश्चिम, उत्तर और दक्षिण चारों दिशाओं में धंसान  की घटनाएं हुई हैं.  इससे कतरास  शहर पर भी खतरा मंडराने  लगा है. 

 कुछ दिन पहले झरिया इलाके में भी धंसान  की घटना हुई थी.  वहां के लोग भी धंसान  की घटना के लिए कोयला चोरी को जिम्मेवार बता रहे थे.  खैर, कुल मिलाकर कार्रवाई तेज है.  ड्रोन के सहारे अवैध मुहानों का पता लगाया जा रहा है.  सूचना मिलने के बाद तुरंत अवैध  मुहानो की भराई  कर दी जा रही है.  हेल्पलाइन नंबर पर मिली सूचनाओं पर भी  कार्रवाई की जा रही है.  दरअसल, कोयला चोरी कोयलांचल के लिए लाइलाज  बीमारी बन गई है.  लोग रोजी- रोजगार के लिए भी कोयला चुनते हैं, तो माफियाओं का एक गैंग भी सक्रिय है.  जो इसे रोजगार का रूप दे दिया है.  धनबाद के बाहर से मजदूरों को बुलाया जाता है, उन्हें ठहराया  जाता है और कोयला कटवाया जाता है.  फिर उस कोयले को या तो स्थानीय उद्योगों में भेज दिया जाता है या फिर बाहर सप्लाई कर दिया जाता है.  इससे बीसीसीएल को भारी नुकसान होता है.

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