धनबाद (DHANBAD): अगर आप अपने किसी काम से नए डीसी कार्यालय में जाएंगे, तो आपको धनबाद की गौरवशाली प्रशासनिक विरासत का दीदार होगा. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रशासन ने प्रशासनिक विरासत को सजाने-संवारने का एक अनूठी पहल की है. कई दशकों तक जिले की विधि -व्यवस्था, नीति निर्धारण और जन सेवा की मुख्य साक्षी रहे दो वाहनों को उसके मूल स्वरूप में परिवर्तन किया गया है.
उपायुक्त आदित्य रंजन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार द्वारा जिले के पूर्व प्रशासनिक इतिहास की गवाह रहे धनबाद उपायुक्त की आधिकारिक एंबेसडर कार (जेएच 10 एच 0055) तथा धनबाद एसएसपी की प्रतिष्ठित मारुति जिप्सी (जेएच 10 सी 0022) को पूरी तरह पुनर्निर्मित कर आमजनों के दीदार के लिए समाहरणालय परिसर में स्थापित किया गया है. इस कार्य को लेकर जिले के दोनों वरीय अधिकारियों ने कहा कि सरकारी सेवा से अनुपयोगी हो चुके इन ऐतिहासिक महत्व के वाहनों को बचाकर उन्हें प्रशासनिक विरासत के रूप में संरक्षित किया गया है. दोनों वाहनों की डेंटिंग, पेंटिंग, क्लासिक इंटीरियर, इंजन पार्ट्स, लाइट और लोगो को उनके मूल विंटेज लुक के अनुरूप बारीकी से तैयार किया गया है.
उन्होंने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा का प्रतीक रही सफेद एंबेसडर और पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की पहचान रही मारुति जिप्सी को एक साथ प्रदर्शित कर प्रशासन व पुलिस के समन्वय को दर्शाया गया है. समाहरणालय आने वाले आम नागरिक, युवा और छात्र-छात्राएं अब इन ऐतिहासिक वाहनों को करीब से देख सकेंगे और जिले के प्रशासनिक सफर को समझ सकेंगे. उपायुक्त एवं एसएसपी ने बताया कि यह पहल केवल पुराने वाहनों का जीर्णोद्धार नहीं, बल्कि धनबाद के प्रशासनिक गौरव और इतिहास को आम जनता के साथ साझा करने का प्रयास है. यह समाहरणालय परिसर के सौंदर्य में वृद्धि करने के साथ-साथ नागरिकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र साबित होगा.
