धनबाद (DHANBAD): धनबाद के बाजारों में इस बार कुछ खास फैशन दिखाई दे रहे है. पुराने ज़माने के चीजों में थोड़ा बहुत बदलाव कर उसे बाजार में लाया गया है. लोग उन्हें बहुत पसंद कर रहे हैं . कहा भी जाता है पुराना फैशन कभी खत्म नहीं होता, बल्कि नए अंदाज में लौटकर फिर आता है. इस दुर्गा पूजा बाजार में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. बाजार में जहां एक ओर आधुनिक डिजाइन और नए ट्रेंड के कपड़े मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर 80s के दशक से मिलते-जुलते कपड़े भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. बड़े-बड़े मॉल से लेकर कपड़ों की दुकानों तक, पुराने जमाने के फैशन को नए अंदाज में पेश किया जा रहा है. दुकानदार इन कपड़ों को पुतलों पर पहनाकर "शोपीस" के रूप में रखे हुए है.
पुराने जमाने का फैशन आ गया है नए दौर में ,मिल रही है सोहरत
आज की पीढ़ी के लिए 80s का दशक भले ही पुरानी यादों का दौर हो, लेकिन उस समय के कपड़ों का अंदाज एक बार फिर चर्चा में है. उस जमाने से मिलते-जुलते डिजाइन, अलग कटिंग और पुराने दौर की झलक दिखाने वाले परिधान बाजार की सजावट का हिस्सा बन रहे हैं. दुकानों के बाहर और मॉल के अंदर सजे पुतले लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं. खास बात यह है कि इन कपड़ों को केवल पुराने फैशन की निशानी के तौर पर नहीं, बल्कि नए दौर के ट्रेंड के रूप में पेश किया जा रहा है. दुर्गा पूजा जैसे त्योहार में लोग अपने पहनावे को लेकर खास उत्साहित रहते हैं. कोई पारंपरिक कपड़े पसंद करता है, तो कोई कुछ नया पहनकर त्योहार को यादगार बनाना चाहता है. ऐसे में पुराने दौर के फैशन की वापसी ग्राहकों के लिए एक अलग विकल्प बनकर सामने आई है. बाजार में सजे इन कपड़ों को देखकर लोगों के मन में भी पुराने जमाने के पहनावे को आजमाने की उत्साह दिहाई दे रहा है.
सोशल मीडिया पर भी छाया था पुराने दौर का जादू
पुराने फैशन की इस चर्चा को सोशल मीडिया पर भी खूब लोकप्रियता मिली थी. कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पुरानी यादों को नए अंदाज में पेश करने का ट्रेंड छाया हुआ था. लोग AI के जरिए खुद को पुराने जमाने के लुक में ढाल रहे थे. कोई 80 के दशक के पहनावे में नजर आ रहा था, तो कोई उस दौर के अलग-अलग डिजाइन और स्टाइल को अपनाकर अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर रहा था. इस ट्रेंड में लोगों को अपने वर्तमान चेहरे के साथ बीते जमाने के फैशन और माहौल की झलक देखने का मौका मिला. देखते ही देखते ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब पसंद की जाने लगीं. पुराने दौर की यादों और नए जमाने की तकनीक के इस मेल ने लोगों को आकर्षित किया.इस ट्रेंड में सिर्फ आम लोग शामिल नहीं थे वल्कि बड़े बड़े सेलिब्रिटी, राजनितिक चेहरे जिसमे धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, झारखंड के चर्चित विधायक जयराम महतो समेत कई गणमान्य शामिल थे.
इस नए ट्रेंड ने दुकानदारों को भी किया है आकर्षित
अब दुर्गा पूजा के बाजार में पुराने फैशन से मिलते-जुलते कपड़ों की मौजूदगी इस ट्रेंड को एक नया संदर्भ दे रही है. सोशल मीडिया पर AI के जरिए जिस पुराने लुक को लोग तस्वीरों में आजमा रहे थे, बाजार में उससे मिलती-जुलती फैशन शैली को वास्तविक कपड़ों के रूप में देखा जा सकता है.फैशन के इस बदलते अंदाज से एक बात साफ है कि लोगों की पसंद केवल नए डिजाइन तक सीमित नहीं है। पुराने दौर की सादगी, अलग स्टाइल और यादों से जुड़ा पहनावा भी उन्हें आकर्षित करता है. दुकानदार भी ग्राहकों की बदलती पसंद को समझते हुए कपड़ों की सजावट और प्रस्तुति में नए प्रयोग कर रहे हैं.इस दुर्गा पूजा बाजार में 80 के दशक से प्रेरित फैशन की झलक एक दिलचस्प बदलाव है. यह केवल कपड़ों की पसंद का मामला नहीं, बल्कि पुराने दौर की यादों और नए जमाने के शौक के मेल की कहानी भी है.कुल मिलाकर, इस बार दुर्गा पूजा के बाजार में फैशन का रंग कुछ अलग है. जहां त्योहार की रौनक नए कपड़ों से बढ़ रही है, वहीं पुराने जमाने का अंदाज भी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है. आखिर फैशन की खूबी ही यही है—जो कभी पुराना होकर पीछे छूट जाता है, वह वक्त के साथ एक बार फिर नया बनकर लौट आता है
रिपोर्ट -प्रकाश महतो
