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Jharkhand

धनबाद शहर से मात्र 15 किलो मीटर दूर डेरा जमा बैठा है हाथियों का झुंड, शहरी इलाकों में बढ़ा खतरा, क्या करेगा वन विभाग ?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): धनबाद शहर से मात्र 15 किलोमीटर दूर हाथियों का बड़ा झुंड डेरा जमा कर बैठा है. अगर यह झुंड शहर की ओर रुख किया तो कठिन परिस्थिति पैदा हो जाएगी. हाथियों का झुंड बहुत ढीठ है. सबसे पुरानी तकनीक मशाल भी हाथियों पर असर नहीं कर रहा है. यह पहला मौका है जब हाथियों का झुंड धनबाद शहर के इतने करीब पहुंचा है. केवल वन विभाग के लिए ही यह बड़ी चुनौती नहीं है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी यह चिंता का विषय है.

झुंड में 35 से अधिक हाथी बताये जा रहे हैं, हट नहीं रहे 

धनबाद में हाथियों की गतिविधियां मुख्यतः टुंडी, पश्चिमी टुंडी, तोपचांची और मनियाडीह के आसपास के इलाकों में देखी जाती थी. लेकिन वर्तमान की बात करें तो अब गजराजों का झुंड धनबाद शहर के काफी करीब पहुंच गया है. कोयलांचल के सबसे करीब बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के मरिचो पंचायत के भोलमारा गांव में करीब 35 से अधिक हाथियों का झुंड पहुंच गया है. अचानक इतने बड़े झुंड के गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. 
कुछ साल पूर्व की बात करें तो टुंडी और गोविंदपुर के कुछ जंगली इलाकों में हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों को खूब परेशान किया था. हाथियों ने खेतों में लगी तैयार फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ कई घरों को भी क्षतिग्रस्त किया था. 

धनबाद के बेहद करीब बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के मरिचो तक पहुंच गए है हाथी 

इसके बाद ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने हाथियों को धनबाद से बाहर गिरिडीह की ओर खदेड़ा था.इसके पूर्व की घटनाओं में हाथियों का झुंड शहर से काफी दूर जंगली क्षेत्रों में ही देखने को मिलता था. लेकिन इस बार करीब 35 हाथियों का झुंड धनबाद के बेहद करीब बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के मरिचो में पहुंच गया. यहां हाथियों ने खेतों में लगी धान की फसल को रौंद दिया. इतना ही नहीं, पूर्व मुखिया स्वर्गीय प्रभु मांझी के घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है. हाथियों के अचानक गांव में घुस आने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया. गांव के लोग एकजुट हुए और मशाल, टॉर्च के साथ ढोल-नगाड़े बजाकर हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया.

रत जगा कर जान बचाने की कोशिश कर रहे ग्रामीण 

ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों का दल अभी भी गांव से सटे जंगल में ही डेरा जमाए हुए है. ऐसे में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. लोग रातभर जागकर बारी-बारी से पहरा दे रहे हैं, ताकि हाथियों का झुंड दोबारा गांव की ओर नहीं पहुंचे.पीड़ित ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के कारण फसल और मकान को हुए नुकसान का मुआवजा देने के साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है.धनबाद में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. इससे पहले हाथियों का झुंड मनियाडीह, टुंडी और टुंडी से सटे गिरिडीह के पीरटांड़ के आसपास के इलाकों में देखा गया था. अब शहर के इतने करीब हाथियों के पहुंचने से यह सवाल भी उठ रहा है कि जंगलों तक सीमित रहने वाला गजराज आखिर धनबाद के शहरी इलाकों की ओर क्यों बढ़ रहा है? आखिर कार हाथियों के कॉरिडोर का क्या हुआ? हाथी  लम्बे समय से जगह मांग  रहे है?