धनबाद(DHANBAD): धनबाद में अवैध खनन और चोरी रोकने के लिए नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की समीक्षा बैठक के बाद सीआईएसएफ में बड़ा फेरबदल हुआ है. बीसीसीएल में सीआईएसएफ के साथ नए अधिकारियों की तैनाती की गई है. आदेश में कहा गया है कि परिचालन संबंधी आवश्यकताओं, प्रशासनिक जरूरत को देखते हुए अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया जाता है. तबादले सूची में बीसीसीएल को विशेष महत्व दिया गया है. मुख्यालय ने सभी संबद्ध इकाइयों को निर्देश दिया है कि अधिकारियों को बिना कार्यभार ग्रहण अवकाश दिए तत्काल कार्य मुक्त किया जाए तथा कार्यभार छोड़ने और ग्रहण करने की सूचना तत्काल मुख्यालय को भेजी जाए.
धनबाद में सख्ती की जमीन हो गई है तैयार
सूत्रों के अनुसार धनबाद में कोयले के अवैध खनन के खिलाफ सख्ती की तैयारी चल रही है. बीसीसीएल यूनिट में 3 साल से तैनात सीआईएसएफ कर्मियों को अब स्थानांतरित किया जाएगा। वैसे तो 3 साल बाद स्थानांतरण रूटिंग प्रक्रिया है, लेकिन बीसीसीएल यूनिट में इसका सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश है. दरअसल ,जीरो कोल् लीकेज प्लान का उद्देश्य खदान से निकलने वाले कोयले की पूरी निगरानी, अवैध खनन पर रोक और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना हैं. इसके तहत संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, संयुक्त छापेमारी, अवैध मुहानो को बंद करने और कोयले के परिवहन पर नजर रखने जैसे कदमों पर विशेष जोर दिया जाना है. आपको बता दें कि अवैध कोयला खनन और चोरी के मामले में बीसीसीएल के कई क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील हैं. इनमें बरोरा , ब्लॉक टू, कतरास, सिजुआ, लोदना , बस्ताकोला , कुसुंडा ,ई जे एरिया, गोविंदपुर क्षेत्र , निरसा प्रमुख रूप से शामिल है.
फिलहाल बीसीसीएल में करीब 3000 से अधिक सीआईएसएफ के लोग तैनात है.
जीरो कोल लीकेज प्लान के क्या होंगें फायदे
अब देखना होगा कि जीरो कोल लीकेज प्लान अगर लागू हुआ, तो बीसीसीएल को कितना फायदा होगा और अवैध कोयला चोरी और तस्करी की बदौलत "धनपशु" बने लोग क्या फिर से "बिल" में दुबक जाएंगें। यहां यह भी जान लीजिए कि एमएमडीआर एक्ट यानी खान व खनिज( विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 एक प्रमुख कानून है. इसके तहत देश में खनिजों के खनन, परिवहन, भंडारण और कारोबार को नियंत्रित किया जाता है. फिलहाल इस एक्ट के तहत सीआईएसएफ को अतरिक्त ताकत दी गई है. एक्ट के मुताबिक सीआईएसएफ और कोल इंडिया के अधिकारियों को तलाशी और जब्ती का अधिकार मिला है. संदिग्ध स्थान पर छापेमारी, अवैध कोयला उपकरण और वाहन जब्त करने की शक्ति मिली है. अवैध खनन से जुड़े मामलों में न्यायालय में शिकायत दर्ज करने का भी अधिकार मिला है.
