Jharkhand

श्रावणी मेला 2026: प्रसाद में हुई अनियमितता तो नपेंगे अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री खुद करेंगे मेला की मॉनिटरिंग

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

देवघर (DEOGHAR): 30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले को लेकर झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने देवघर परिसदन में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मेले के दौरान प्रसाद या खाद्य सामग्री में किसी तरह की अनियमितता पाई गई, तो केवल दुकानदार ही नहीं बल्कि संबंधित विभागीय अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि पूरे मेले की निगरानी वह स्वयं करेंगे.

श्रद्धालुओं के लिए व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सुल्तानगंज से बाबाधाम तक आने वाले लाखों कांवरियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 228 डॉक्टरों और 560 पैरामेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की है. पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे सेवाएं देने के लिए 40 स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इनमें पुराने सदर अस्पताल में 100 बेड की व्यवस्था होगी, जबकि चार अस्थायी अस्पतालों में 10-10 बेड और नौ स्वास्थ्य केंद्रों में 5-5 बेड उपलब्ध रहेंगे. इसके अलावा 41 एम्बुलेंस, बाइक एम्बुलेंस, टोटो एम्बुलेंस और मोबाइल मेडिकल यूनिट भी तैनात रहेंगी. पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक्स-रे और सीटी स्कैन जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.

AIIMS देवघर में भी रहेंगे 50 बेड आरक्षित

श्रावणी मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए देवघर स्थित एम्स (AIIMS) में भी 50 बेड आरक्षित किए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 की भगदड़ जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. राज्य सरकार और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के बीच समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति और सुगम यातायात की भी विशेष व्यवस्था की जा रही है. पूरे मेले के दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में रहेगा.

प्रसाद की गुणवत्ता पर रहेगी पैनी नजर
मंत्री ने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित प्रसाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए चार फूड इंस्पेक्टर, चार स्वच्छता निरीक्षक और चार औषधि निरीक्षक की तैनाती की गई है. ये टीमें पूरे मेला क्षेत्र में लगातार दुकानों का निरीक्षण करेंगी. उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में प्रसाद या खाद्य सामग्री में मिलावट अथवा अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदार के साथ-साथ निगरानी में लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी. उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं समय-समय पर औचक निरीक्षण करेंगे.

ब्लड उपलब्धता के लिए आएगी नई नीति

चाईबासा में संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना के बाद राज्य सरकार ब्लड सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जल्द ही झारखंड में नई ब्लड पॉलिसी लागू होगी. इसके तहत एक टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य के किसी भी जिले में ब्लड की कमी नहीं होने दी जाएगी. इसके लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. मंत्री ने भरोसा दिलाया कि नई नीति लागू होने के बाद आपातकालीन परिस्थितियों में भी रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी.

रिपोर्ट : ऋतुराज सिन्हा