Jharkhand

श्रावणी मेला 2026: बाबा नगरी पूरी तरह तैयार, जानिए किन चीजों पर रहेगा बैन और किन श्रद्धालुओं के लिए है खास इंतजाम

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
श्रावणी मेला 2026: बाबा नगरी पूरी तरह तैयार, जानिए किन चीजों पर रहेगा बैन और किन श्रद्धालुओं के लिए है खास इंतजाम

देवघर (DEOGHAR): विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पूरी तरह तैयार है. हर साल लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर करीब 105 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने देवघर पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार झारखंड सरकार, जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. प्रशासन का दावा है कि इस बार तकनीक और बेहतर प्रबंधन की मदद से श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम व्यवस्था मिलेगी.

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस

श्रावणी मेले के दौरान पूरे देवघर शहर, बाबा मंदिर परिसर और कांवरिया पथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. हजारों पुलिसकर्मी, महिला पुलिस, दंडाधिकारी, होमगार्ड और सुरक्षा बल पूरे मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की निगरानी रहेगी, जबकि पूरे मेले पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए नजर रखी जाएगी. इसके लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां से हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग होगी. भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटा गया है ताकि किसी भी तरह की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति से बचा जा सके.

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं

इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं. कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में जगह-जगह पेयजल, शीतल जल, अस्थायी शौचालय, स्नानघर, विश्राम शिविर और मेडिकल कैंप लगाए गए हैं. 24 घंटे एंबुलेंस सेवा और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भी तैनात रहेगी. इसके अलावा खोया-पाया केंद्र, हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र भी बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो. बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं के लिए अलग सहायता केंद्र बनाए गए हैं. मंदिर परिसर में कतार व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित किया गया है, जिससे लंबी कतारों के बावजूद दर्शन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके. प्रशासन का प्रयास है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन का अवसर मिले.

शराब बिक्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

इस बार श्रावणी मेले के दौरान 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक देवघर में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी. देवघर उपायुक्त के अनुरोध पर उत्पाद विभाग इस संबंध में आदेश जारी कर रहा है. आदेश लागू होने के बाद मेला क्षेत्र में आने वाली सभी लाइसेंसी शराब दुकानें, होटल, बार और रेस्तरां में शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी. प्रशासन के अनुसार, सावन माह में प्रतिदिन लगभग 2.5 से 3 लाख श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं. भीड़ को नियंत्रित करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है. जिला प्रशासन ने यह भी उल्लेख किया है कि पड़ोसी राज्य बिहार में पहले से पूर्ण शराबबंदी लागू है. ऐसे में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी माना गया है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 से श्रावणी मेला अवधि के दौरान देवघर में शराब बिक्री पर रोक लगाने की परंपरा लगातार जारी है.

इन चीजों पर रहेगा सख्त प्रतिबंध

मेले के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई वस्तुओं और गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला किया है. मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में प्लास्टिक सामग्री के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा. ज्वलनशील पदार्थ, विस्फोटक सामग्री, हथियार, नुकीले सामान और बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं होगी. भीड़ में धक्का-मुक्की करने, वीआईपी पास का दुरुपयोग करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

श्रावणी मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं. शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध प्रतिबंध रहेगा. कई प्रमुख मार्गों पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी और अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं. श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित पार्किंग का ही उपयोग करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें. स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक तैयारियां की हैं. मेला क्षेत्र में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, मोबाइल मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस की चौबीसों घंटे तैनाती रहेगी. गर्मी, थकान, डिहाइड्रेशन और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है.

इस बार डिजिटल सुविधाओं का भी अधिक उपयोग किया जाएगा. मेला क्षेत्र में एलईडी स्क्रीन, डिजिटल सूचना बोर्ड और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन व्यवस्था, भीड़ की स्थिति, ट्रैफिक रूट और अन्य आवश्यक जानकारियां लगातार दी जाएंगी. कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी 24 घंटे सक्रिय रहेंगे. जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत हेल्प डेस्क या पुलिस से संपर्क करने की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं, ताकि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आने वाले हर श्रद्धालु की यात्रा सुरक्षित, सहज और यादगार बन सके.