Jharkhand

बाबा बैद्यनाथ धाम में बड़ा बदलाव: गर्भगृह में मोबाइल पूरी तरह बैन, अब सालभर बाह्य आर्घ्य से होगा जलार्पण

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
बाबा बैद्यनाथ धाम में बड़ा बदलाव: गर्भगृह में मोबाइल पूरी तरह बैन, अब सालभर बाह्य आर्घ्य से होगा जलार्पण

देवघर (DEOGHAR): विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अहम बदलाव किया गया है. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और पूजा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गर्भगृह के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है. इसके साथ ही अब मंदिर परिसर में केवल श्रावणी मेले के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष बाह्य आर्घ्य (बाहर से जलार्पण की व्यवस्था) उपलब्ध रहेगी. इन दोनों फैसलों पर प्रशासन, पुरोहितों और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों की सहमति के बाद मुहर लगी है.

देवघर समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गर्भगृह के भीतर मोबाइल ले जाने से श्रद्धालु पूजा-अर्चना की बजाय फोटो, वीडियो और रील बनाने में अधिक समय बिताते हैं. इससे दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती है और लंबी कतारों में इंतजार कर रहे अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी होती है. इसी वजह से अब गर्भगृह में मोबाइल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. प्रशासन का मानना है कि यह फैसला सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद जरूरी है. विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल होने के कारण मंदिर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. गर्भगृह के संवेदनशील वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक होने से सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकता है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब बाह्य आर्घ्य की व्यवस्था पूरे साल जारी रहेगी. इसके माध्यम से भक्त मंदिर के बाहर से ही जल अर्पित कर सकेंगे, जो विशेष पाइपलाइन के जरिए सीधे ज्योतिर्लिंग तक पहुंचेगा. इसके अलावा श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मंदिर परिसर में एक नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण की भी योजना बनाई गई है. आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी कई अहम निर्णय लिए गए. भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने, वीआईपी पूजा व्यवस्था को व्यवस्थित करने और 'शीघ्र दर्शनम' कूपन प्रणाली को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई.

रेलवे और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं. देवघर और आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी. वहीं मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और रेलवे स्टेशनों की निगरानी चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी. यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य इस बार श्रावणी मेले को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-हितैषी बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों को दर्शन और जलार्पण के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.