Jharkhand

'छात्रों के गुस्से के आगे झुकी सरकार', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले सुबोध कांत सहाय

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

देवघर (DEOGHAR): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने देवघर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने शिक्षा, बेरोजगारी और छात्र आंदोलनों को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि देश के युवा सरकार की नीतियों से बेहद नाराज हैं.

परिषदन में आयोजित प्रेस वार्ता में सुबोध कांत सहाय ने कहा कि जब छात्र-छात्राएं अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाते हैं तो बड़े से बड़ा बदलाव संभव हो जाता है. उनका कहना था कि लंबे समय से छात्र विभिन्न समस्याओं और कथित अन्याय का सामना कर रहे थे, लेकिन अब युवाओं का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है. उन्होंने दावा किया कि देशभर में छात्रों को मिले व्यापक समर्थन ने केंद्र सरकार की शिक्षा और रोजगार संबंधी नीतियों के प्रति जनता की नाराजगी को उजागर किया है. 

उनके अनुसार, यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की उन समस्याओं का प्रतीक है, जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति और छात्रों के साथ कथित सख्ती ने युवाओं में असंतोष पैदा किया है. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का समाधान निकालने के बजाय केंद्र सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है.

सुबोध कांत सहाय ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की अपील की. देवघर में हुई इस प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है. वहीं, भाजपा की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

रिपोर्ट : ऋतुराज सिन्हा