देवघर (DEOGHAR): झारखंड के देवघर से निकला आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहा है. महिला स्वयं सहायता समूह की मेहनत और जिला प्रशासन के प्रयासों से देवघर का आम्रपाली आम दुबई के प्रतिष्ठित लुलु रिटेल स्टोर तक पहुंच गया है. यह उपलब्धि न केवल जिले के किसानों, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय बन गई है. महिला किसानों द्वारा उगाए गए आम्रपाली आम की पहली खेप अब दुबई के बाजारों में बिक रही है. इससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच मिलने के साथ-साथ महिला किसानों की आय बढ़ने की भी नई उम्मीद जगी है.
3 जुलाई को रवाना हुई थी पहली खेप
3 जुलाई को देवघर के उपायुक्त सौरभ भुवानिया ने समाहरणालय परिसर से करीब एक टन आम्रपाली आम की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. विशेष पैकेजिंग के साथ आमों को पहले लखनऊ भेजा गया, जहां से उन्हें दुबई निर्यात किया गया. अब यह आम दुबई के प्रसिद्ध लुलु रिटेल स्टोर में ग्राहकों के लिए उपलब्ध है.
महिला किसानों की मेहनत लाई रंग
इस सफलता के पीछे महिला स्वयं सहायता समूहों की मेहनत के साथ-साथ जिला प्रशासन, मनरेगा टीम और आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसाइटी की अहम भूमिका रही है. स्थानीय स्तर पर उगाए गए आम को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के अनुरूप तैयार कर विदेशी बाजार तक पहुंचाया गया, जिससे महिला किसानों के लिए नए आर्थिक अवसर खुल गए हैं.
'लोकल टू ग्लोबल' की दिशा में बड़ी उपलब्धि
देवघर की महिला किसान लंबे समय से अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का सपना देख रही थीं. आम्रपाली आम के निर्यात के साथ यह सपना अब साकार होता नजर आ रहा है. प्रशासन और किसानों को उम्मीद है कि आने वाले समय में सिर्फ दुबई ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों में भी देवघर का आम्रपाली आम अपनी खास पहचान बनाएगा.
पेड़ा के बाद अब आम्रपाली बनेगी देवघर की नई पहचान
देवघर का पेड़ा पहले से ही देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखता है. अब उम्मीद की जा रही है कि आम्रपाली आम भी जिले की नई ब्रांड पहचान बनेगा. यदि इसी तरह किसानों और प्रशासन का समन्वय बना रहा, तो आने वाले वर्षों में देवघर का आम्रपाली आम भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक भरोसेमंद और लोकप्रिय उत्पाद के रूप में स्थापित हो सकता है.
रिपोर्ट: ऋतुराज सिन्हा
