Jharkhand

देवघर: PM आवास निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, छत ढहने से मजदूर की मौत

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
देवघर: PM आवास निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, छत ढहने से मजदूर की मौत

देवघर (DEOGHAR): देवघर जिले के सारठ थाना क्षेत्र अंतर्गत खेरबोनी गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ है. नया मकान बनाने की तैयारी के दौरान पुराने घर को तोड़ने का काम चल रहा था, तभी अचानक जर्जर छत भरभराकर गिर गई. छत का भारी मलबा नीचे काम कर रहे एक मजदूर पर आ गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

मृतक की पहचान भथड़िया गांव निवासी 40 वर्षीय महेंद्र मंडल के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि महेंद्र रोज मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे. उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. जानकारी के अनुसार, खेरबोनी गांव निवासी चंद्रकांत झा को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास स्वीकृत हुआ था. 

ऐसे में नए मकान के निर्माण से पहले पुराने मकान को तोड़ने का कार्य कराया जा रहा था. इसी दौरान महेंद्र मंडल अन्य मजदूरों के साथ काम कर रहे थे. तभी अचानक मकान की पुरानी और कमजोर छत भरभराकर गिर गई. हादसा इतना भयावह था कि महेंद्र मलबे के नीचे दब गए और उन्हें बचाने का मौका तक नहीं मिल सका. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. सूचना मिलने पर सारठ थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई.

महेंद्र मंडल की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का कहना है कि घर चलाने की पूरी जिम्मेदारी महेंद्र पर ही थी. अब उनके जाने के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा देने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की स्थिति बेहद कमजोर है और ऐसे समय में प्रशासन को आगे आकर सहायता करनी चाहिए, ताकि मृतक के आश्रितों का जीवन किसी तरह पटरी पर लौट सके. फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल मदद देने की मांग कर रहे हैं.

रिपोर्ट : ऋतुराज सिन्हा