Jharkhand

BREAKING: 5 हजार रिश्वत लेते JE गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथों दबोचा

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
BREAKING: 5 हजार रिश्वत लेते JE  गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथों दबोचा

देवघर (DEOGHAR): झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को एक बड़ी सफलता मिली है. देवघर जिले के करौं प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के जूनियर इंजीनियर (JE) संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई एसीबी दुमका की टीम ने शिकायत के सत्यापन के बाद की.

जानकारी के अनुसार, करौं प्रखंड की डिंडाकोली पंचायत निवासी 29 वर्षीय भीम कुमार राणा ने एसीबी से शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि मनरेगा योजना के तहत उनकी जमीन पर ट्रेंच सह बांध निर्माण कार्य कराया गया था, जिसकी कुल स्वीकृत राशि 45,379 रुपये थी. योजना के तहत अधिकांश राशि का भुगतान पहले ही हो चुका था, लेकिन अंतिम बिल की निकासी के लिए संबंधित जूनियर इंजीनियर द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी.

शिकायतकर्ता के अनुसार, फाइनल भुगतान कराने के एवज में जेई संतोष प्रसाद ने 7 हजार रुपये की मांग की थी. रिश्वत देने के बजाय भीम कुमार राणा ने इसकी शिकायत एसीबी दुमका से कर दी. शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की जांच की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए.

जांच पूरी होने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और 10 जून को करौं प्रखंड स्थित सरकारी आवास में कार्रवाई करते हुए संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

इस कार्रवाई के बाद मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. वहीं एसीबी ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.