देवघर (DEOGHAR): सावन की पावन बेला और 'बोल बम' के गगनभेदी जयघोष के बीच बुधवार को विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम पूरी तरह शिवमय हो गया. सावन माह की शुरुआत से ठीक पहले राजकीय श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया. दुम्मा स्थित कांवरिया प्रवेश द्वार पर आयोजित उद्घाटन समारोह में झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार, संजय प्रसाद यादव और दीपिका पांडेय सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया. इसके साथ ही एक माह तक चलने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन की शुरुआत हो गई, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. श्रावणी मेले को लेकर पूरे देवघर में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है. कांवरिया पथ से लेकर बाबा मंदिर तक हर ओर केसरिया वस्त्रधारी शिवभक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं.
30 जुलाई से 28 अगस्त तक नहीं होगी स्पर्श पूजा
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 30 जुलाई से 28 अगस्त की दोपहर तक बाबा बैद्यनाथ मंदिर में स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी. इस दौरान श्रद्धालु गर्भगृह में जाकर शिवलिंग का स्पर्श नहीं कर सकेंगे. सभी भक्त केवल अरघा के माध्यम से जलाभिषेक करेंगे. मंदिर प्रबंधन के अनुसार यह निर्णय श्रावणी मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है, ताकि जलार्पण की प्रक्रिया व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित की जा सके. इससे अधिक संख्या में श्रद्धालु कम समय में बाबा के दर्शन और जलार्पण का लाभ उठा सकेंगे.
बाह्य अरघा से भी सीधे बाबा पर चढ़ेगा जल
इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाह्य अरघा की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है. मंदिर के निकास द्वार के समीप बनाए गए इस विशेष अरघा को पाइपलाइन के जरिए मुख्य अरघा से जोड़ा गया है. यहां अर्पित किया गया जल सीधे बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग पर पहुंचेगा. विशेष बात यह है कि बाह्य अरघा से जल चढ़ाने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर की छत पर लगी एलईडी स्क्रीन पर जलाभिषेक का सीधा दृश्य भी देख सकेंगे. इससे लंबी कतार में लगे भक्तों को भी आध्यात्मिक संतुष्टि का अनुभव मिलेगा.
शीघ्रदर्शनम और नई प्रवेश व्यवस्था लागू
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं. आम श्रद्धालु मुख्य अरघा के माध्यम से जलार्पण करेंगे, जबकि शीघ्र दर्शन की सुविधा लेने वाले भक्तों के लिए ₹600 प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है. वैध कूपनधारी श्रद्धालु सुविधा केंद्र से निर्धारित कतार में शामिल होकर वीआईपी गेट से मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे. प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से भीड़ का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित तरीके से दर्शन का अवसर मिलेगा.
शिवभक्ति में डूबा बाबाधाम
राजकीय श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ ही देवघर की गलियां, कांवरिया पथ और मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठे हैं. दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना कर रहे हैं. जिला प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, यातायात और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं. प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और शांतिपूर्वक कतारबद्ध होकर दर्शन करें, ताकि आस्था का यह महापर्व सभी के लिए सुरक्षित और सफल बन सके.
