Jharkhand

रक्षाबंधन पर बाबानगरी देवघर में उमड़ी आस्था, बाबा बैद्यनाथ को रक्षा सूत्र अर्पित कर श्रद्धालुओं ने मांगी सुरक्षा

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
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देवघर (DEOGHAR): भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व बाबानगरी देवघर में धार्मिक आस्था और विशेष परंपरा के साथ मनाया जा रहा है. श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर सुबह से ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है. बड़ी संख्या में भक्त बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की रक्षा की कामना कर रहे हैं.

बाबा बैद्यनाथ को पहले अर्पित होता है रक्षा सूत्र 

देवघर में रक्षाबंधन से जुड़ी एक विशेष धार्मिक परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. यहां श्रद्धालु अपने घरों में रक्षाबंधन मनाने से पहले बाबा बैद्यनाथ को रक्षा सूत्र अर्पित करते हैं. मान्यता के अनुसार भगवान भोलेनाथ को रक्षा सूत्र समर्पित करने के बाद उनसे परिवार और प्रियजनों को हर प्रकार की विपत्ति से सुरक्षित रखने की प्रार्थना की जाती है. रक्षाबंधन के कारण मंदिर में महिला श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक दिखाई दे रही है. महिलाएं जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के साथ बाबा बैद्यनाथ को रक्षा सूत्र अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना कर रही हैं.

प्रात: कालीन पूजा के बाद निभाई गई परंपरा

मंदिर में प्रातःकालीन पूजा के बाद रक्षाबंधन से जुड़ी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया. श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं और परिवार पर भगवान शिव का आशीर्वाद बना रहता है. यही कारण है कि श्रावण पूर्णिमा के दिन बाबा के दरबार में विशेष उत्साह देखने को मिलता है.

श्रावणी मेले का भी हो रहा समापन 

रक्षाबंधन के साथ ही देवघर में महीने भर से चल रहे श्रावणी मेले का भी समापन हो रहा है. हालांकि मेले का अंतिम दिन होने के बावजूद रक्षाबंधन और पूर्णिमा के कारण श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ रहने की उम्मीद है.दोपहर के बाद मंदिर में अर्घा व्यवस्था हटाए जाने की तैयारी है. इसके बाद श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ के करीब जाकर दर्शन और स्पर्श पूजा का अवसर मिलेगा. श्रावणी मेले के अंतिम दिन और रक्षाबंधन के विशेष संयोग ने बाबानगरी के धार्मिक माहौल को और भक्तिमय बना दिया है.

रिपोर्ट :  प्रशांत कुमार