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Jharkhand

झारखंड कांग्रेस में श्रेय लेने की क्यों मची है होड़, कॉकरोच जनता पार्टी की जीत के भरोसे क्या राजनीति करेगी पार्टी 

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

टीएनपी डेस्क:  तो क्या झारखंड में कांग्रेस अब कॉकरोच जनता पार्टी को मिली सफलता के भरोसे राजनीति को  आगे बढ़ाएगी? क्या इतना भर कहने  से कि  आंदोलन में राहुल गांधी की बड़ी भूमिका रही, काम चल जाएगा।   झारखंड में कांग्रेस श्रेय लेने को लेकर राजनीति तेज कर दी है.  जिस दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, उस दिन कांग्रेस के नेताओं ने अपने प्रस्तावित कैंडल मार्च को विजय दिवस में बदल दिया और जश्न  मनाया।  कहा कि राहुल गांधी की  इसमें बड़ी भूमिका रही.  दरअसल, राज्यसभा चुनाव के बाद झारखंड में विवाद में फंसी  कांग्रेस अब निकलने का रास्ता खोज रही है. 

झारखंड में विवादों से बाहर निकलना छाती है कांग्रेस 
 
राज्यसभा चुनाव के बाद गठबंधन दलों में सीधे-सीधे आरोप  लगे, जवाब भी दिए गए.  अब कांग्रेस कॉकरोच जनता पार्टी की उपलब्धि का श्रेय लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है.  छोटे से बड़े नेता सभी राहुल गांधी को बड़ा श्रेय  दे रहे है.  पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय देवघर में कॉकरोच जनता पार्टी की जीत का  श्रेय कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिया।  कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा को छात्रों के आंदोलन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के तालमेल का परिणाम है. यह बात भी सच है कि  धनबाद सहित झारखंड के विभिन्न चौक -चौराहे  पर अब कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चा होने लगी है. 

कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चा में कांग्रेस आगे -आगे 

 इस चर्चा को गति देने में कहीं ना कहीं, कांग्रेस नेताओं का हाथ है.  कॉकरोच जनता पार्टी का बिहार में तो जनसुराज  के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ऐलान कर दिया है कि वह बिहार में कॉकरोच जनता पार्टी का स्वागत करेंगें।  इधर, झारखंड में भी कॉकरोच जनता पार्टी के पक्ष में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता खड़े दिख रहे है.  झारखंड में भी कॉकरोच जनता पार्टी का कार्यक्रम दिखा। झारखंड में जो नारे लग रहे थे, वह कांग्रेस के पसंद के नारे अधिक थे.  कहा जा सकता है कि झारखंड में अब कांग्रेस की राजनीति कॉकरोच मॉडल पर उभर सकती है. कांग्रेस के कई नेता प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.  हालांकि कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि पेपर लीक मामले को राहुल गांधी बहुत पहले से उठा रहे हैं और इसलिए कांग्रेस का भी इस सफलता में अधिकार बनता है.  अगर राष्ट्रीय राजनीति की बात की जाए तो कॉकरोच जनता पार्टी और कांग्रेस एक साथ भाजपा का विरोध कर रहे है.