Jharkhand

फर्जी म्यूटेशन से करोड़ों की जमीन हड़पने के आरोप में CO, CI समेत 10 पर FIR, हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

चतरा (CHATRA): झारखंड के चतरा जिले में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर कथित फर्जीवाड़े का मामला अब कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ गया है. झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सदर थाना में अंचल अधिकारी (CO), अंचल निरीक्षक (CI), राजस्व कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और कथित भू-माफियाओं समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने सदर थाना कांड संख्या 234/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

एफआईआर में अंचल अधिकारी अनिल कुमार, अंचल निरीक्षक विरेंद्र कुमार, राजस्व कर्मचारी सीमा कुमारी सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप कुमार के अलावा हीरा कुमार, मनोज कुमार, मुकेश कुमार, उदय कुमार, साबरा खातून और सलमा खातून को आरोपी बनाया गया है. शिकायत में आरोप है कि सभी ने मिलकर करोड़ों की जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी कर अवैध तरीके से कब्जा कराने की साजिश रची.

मामला चतरा शहर के नगवां मोहल्ला स्थित 26 डिसमिल जमीन से जुड़ा है. शिकायतकर्ता फियाज अहमद का कहना है कि यह जमीन सरकारी अभिलेखों में मोहम्मद कलीमुल्लाह के नाम दर्ज है. उन्होंने यह संपत्ति कानूनी प्रक्रिया के तहत मोहम्मद एकराम से खरीदी थी और तब से उस पर उनका कब्जा है. उन्होंने जमीन की चारदीवारी भी करा रखी है. शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और जाली दस्तावेजों के जरिए जमीन को दूसरे लोगों के नाम बेच दिया. आरोप है कि अंचल कार्यालय के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी रिकॉर्ड और ऑनलाइन डेटा में बदलाव कर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) भी करा दिया गया.

फियाज अहमद का आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बाद आरोपी उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और चारदीवारी तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई. उन्होंने पहले स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर फरवरी 2026 में झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस को तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसके बाद अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है.