Jharkhand

चतरा मॉब लिंचिंग मामला: एसपी ने 4 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित, BJP ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

Rashmi Prasad  CE
Rashmi Prasad CE
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चतरा(CHATRA): चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़गांव में मो. इमरोज की मॉब लिंचिंग के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. घटना को गंभीरता से लेते हुए चतरा के एसपी अनिमेष नैथानी ने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में टंडवा थाना के दो सब-इंस्पेक्टर और दो आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबित पुलिसकर्मियों में एसआई सुनील सिंह, महिला एसआई दुलारी पूर्ति, आरक्षी दशरथ महतो और प्रदीप कुमार शामिल हैं. सभी को तत्काल प्रभाव से चतरा पुलिस केंद्र (पुलिस लाइन) से संबद्ध कर दिया गया है. साथ ही इनके खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. एसपी ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. अब तक मॉब लिंचिंग के मामले में 11 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है. पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. गौरतलब है कि यह घटना नाबालिग बच्ची के कथित अपहरण और दुष्कर्म के आरोपों के बाद हुई थी, जिसके बाद भीड़ ने मो. इमरोज पर हमला कर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. पुलिस पूरे घटनाक्रम की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.

इधर, यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है. भारतीय जनता पार्टी ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है. भाजपा के जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोक्ता और अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशुन दास ने कहा कि नाबालिग से दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए. वहीं, मॉब लिंचिंग में शामिल लोगों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर हो तथा किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमे में नहीं फंसाया जाना चाहिए.