चाईबासा (CHAIBASA): पश्चिम सिंहभूम जिले के रजिस्ट्री कार्यालय में विवाह पंजीकरण के नाम पर कथित अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं. एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष रामहरि गोप ने उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि विवाह पंजीकरण जैसी सरकारी सेवा को कुछ कर्मचारियों और बिचौलियों ने कमाई का जरिया बना लिया है.
शिकायत के मुताबिक, सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त आवेदकों से ₹500 से ₹1000 तक की अवैध राशि वसूली जा रही है. आरोप है कि खासकर ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों और मजदूर वर्ग के लोगों को इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा शिकार बनाया जा रहा है.
रिश्वत नहीं देने पर फाइल रोकने का आरोप
रामहरि गोप का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अतिरिक्त राशि देने से इनकार करता है तो उसकी फाइल जानबूझकर लंबित रखी जाती है. इतना ही नहीं, अनावश्यक आपत्तियां लगाकर आवेदकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए मजबूर किया जाता है. इससे लोगों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है.
उन्होंने कहा कि विवाह पंजीकरण प्रत्येक नागरिक का कानूनी अधिकार है, लेकिन यदि इस प्रक्रिया में भी रिश्वत और बिचौलियों का बोलबाला हो तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. इससे आम लोगों का सरकारी तंत्र पर विश्वास कमजोर होता है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है.
शिकायत में उपायुक्त से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, अवैध वसूली में शामिल कर्मचारियों और बिचौलियों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है. इसके अलावा विवाह पंजीकरण की सरकारी शुल्क सूची कार्यालय में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने, पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं ऑनलाइन बनाने तथा प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई गई है.
रामहरि गोप ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की मांग की जाती है तो उसका विरोध करें और संबंधित अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराएं. उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से ही पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित किया जा सकता है.
रिपोर्ट: संतोष वर्मा
