बोकारो(BOKARO): जिला के गोमिया प्रखंड अंतर्गत स्वांग दक्षिणी पंचायत स्थित शिव मंदिर न्यू माइंस में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तत्वावधान में बड़ी ही श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ किया गया. शरद पूर्णिमा को हिंदू पंचांग के अनुसार सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों से अमृत की वर्षा होती है. इसी दिव्य मान्यता को लेकर मंदिर परिसर में देर रात तक विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार का कार्यक्रम चला. पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और भजनों से गूंजता रहा.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शरद पूर्णिमा की परंपरा के अनुसार बनी खीर रही. मंदिर समिति और आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर परिसर में बड़ी मात्रा में विशेष रूप से खीर बनाकर उसे खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की चांदनी में रखा गया. मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में रखी गई खीर में औषधीय गुण आ जाते हैं और वह अमृत के समान फलदायी और आरोग्य प्रदान करने वाली हो जाती है. चंद्रमा की पूजा के उपरांत इस महाप्रसाद को उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया. इस अलौकिक प्रसाद को ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे देर रात तक मंदिर परिसर में डटे रहे और पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया.
इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक लाइटों, फूल-मालाओं और रंगोली से भव्य रूप से सजाया गया था. पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा. इस अवसर पर आरएसएस पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज को आपस में जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखने का सशक्त माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा का यह पर्व हमें प्रकृति, चंद्रमा और स्वास्थ्य के महत्व को समझाता है.
रिपोर्ट- संजय रवानी
