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Jharkhand

बोकारो: साइबर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, जानिए कैसे लाखों की ठगी का हुआ भंडाफोड़

Mausam Muskan
Mausam Muskan
Senior News Publisher • TheNewsPost.in

बोकारो (BOKARO): बोकारो जिले से साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ, साइबर पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है. ये अपराधी बेहद चालाकी से ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे. लाखों रुपये की ठगी करते हुए खुद को ATS का अधिकारी बताकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे.

ऐसे में बोकारो जिले की साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने खुद को महाराष्ट्र एटीएस (ATS) का अधिकारी बताकर गोमिया की एक महिला को घंटों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और डर दिखाकर उसके खाते से 4.50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए. मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई बोकारो साइबर थाना कांड संख्या 08/2026 की जांच के दौरान की गई.

महाराष्ट्र ATS अधिकारी बनकर रची ठगी की साजिश

पुलिस के अनुसार, गोमिया थाना क्षेत्र की रहने वाली पुष्पलता त्रिपाठी ने 13 मार्च 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. महिला ने लिखित शिकायत में बताया कि उन्हें फोन कर खुद को महाराष्ट्र एटीएस का अधिकारी बताने वाले लोगों ने दावा किया कि उनके पति के बैंक खाते में पाकिस्तान से 300 करोड़ रुपये आए हैं और उन्हें इसमें 16 लाख रुपये कमीशन मिला है.

आगे, ठगों ने इस कथित मामले में गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर महिला को डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रखा और लगातार मानसिक दबाव बनाते हुए अलग-अलग खातों में कुल 4 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए.

तकनीकी जांच से आगरा तक पहुंची बोकारो पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो एसपी के निर्देश पर साइबर थाना की विशेष जांच टीम गठित की गई.  तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल इनपुट के आधार पर पुलिस उत्तर प्रदेश के आगरा पहुंची, जहां से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया.

आपको बात दें गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय रवि कुमार और 21 वर्षीय ऋतिक कुशवाहा के रूप में हुई है.

कंबोडिया कनेक्शन की भी जांच

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि ऋतिक कुशवाहा पहले कई वर्षों तक कंबोडिया में रहा था. भारत लौटने के बाद वह विदेश से संचालित साइबर नेटवर्क के तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर ठगी की घटनाओं में शामिल हो गया.  पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उसका किसी विदेशी साइबर गिरोह से सीधा संबंध था या नहीं.

आई फोन 15 और नथिंग फोन 3ए बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक आई फोन 15 और नथिंग फोन 3ए बरामद किया है. जांच में दोनों मोबाइल फोन से साइबर ठगी से जुड़े ऑडियो संदेश, चैट और पैसों के लेन-देन से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिले हैं.

इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि यह गिरोह दूसरों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम इधर-उधर ट्रांसफर करता था, ताकि पैसों की असली कड़ी छिपाई जा सके.

पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

बोकारो साइबर पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और  पुलिस पूरे नेटवर्क की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.