बोकारो(Bokaro):बोकारो में जिला प्रशासन के आदेशों की अनदेखी का मामला सामने आया है. चास नगर निगम के अधिकारी डीसी के निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. एक महीने पहले बोकारो के डीसी ने खुले में कचरा डंप करने पर रोक लगाने और डंपिंग यार्ड को तत्काल शीट से ढकने का निर्देश दिया था. लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. नेशनल हाईवे-32 पर आईटीआई मोड़ स्थित जगन्नाथ चौक के पास आज भी खुले में कचरा फेंका जा रहा है. बदबू और मक्खियों से स्थानीय लोग परेशान हैं, वहीं बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है. हैरानी की बात यह है कि यह डंपिंग यार्ड चास नगर निगम कार्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर है. ऐसे में सवाल उठता है कि जब अधिकारियों पर डीसी के आदेश का असर नहीं हो रहा, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा?
खुले में फेंके जा रहे कचरे से निकलने वाली दुर्गंध और मक्खियों ने आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.बताया जाता है कि करीब एक महीने पहले बोकारो के डीसी ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए चास नगर निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया था. खुले में कचरा डंप करने पर रोक लगाने और डंपिंग यार्ड को तत्काल शीट से ढकने को कहा गया था, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को बदबू और प्रदूषण से राहत मिल सके. लेकिन डीसी के निर्देश के बावजूद अब तक डंपिंग यार्ड में अल्बेस्टर शीट नहीं लगाई गई है. कचरे का खुले में डंप होना लगातार जारी है और उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था भी नजर नहीं आ रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गंध और मक्खियों के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है. लोगों को संक्रमण और बीमारियों का डर सता रहा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम कार्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर ऐसी स्थिति होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और डीसी के आदेश की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं.
सवाल बरकरार है—आखिर कब मिलेगी चास के लोगों को कचरे और बदबू से मुक्ति?
रिपोर्ट : संजीव कुमार