Jharkhand

हेलो, क्या आपको मंईयां योजना का सत्यापन कराना है...? कहने वालों से सावधान, ठगों ने बनाया मंईयांओं को शिकार

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
हेलो, क्या आपको मंईयां योजना का सत्यापन कराना है...? कहने वालों से सावधान, ठगों ने बनाया मंईयांओं को शिकार

बोकारो (BOKARO): "हेलो मैडम, हम मंईयां सम्मान योजना कार्यालय से बोल रहे हैं... आपके आवेदन के सत्यापन में गड़बड़ी है. अगर तुरंत आधार नंबर और कुछ रुपये नहीं भेजे तो अगली किस्त रुक जाएगी." अगर आपके पास भी ऐसा फोन आए तो तुरंत सतर्क हो जाएं. बोकारो जिले के पिंड्राजोरा क्षेत्र में मंईयां सम्मान योजना के नाम पर साइबर ठग महिलाओं को निशाना बना रहे हैं. सरकारी अधिकारी बनकर फोन करने वाले शातिर लाभुकों से आधार कार्ड की जानकारी, बैंक संबंधी विवरण और ऑनलाइन पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं. प्रशासन ने इसे लेकर अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.

जानकारी के मुताबिक पिंड्राजोरा क्षेत्र की कई महिलाओं के मोबाइल पर 7024887455 नंबर से कॉल आया. फोन करने वाले ने खुद को मंईयां सम्मान योजना से जुड़ा सरकारी अधिकारी बताया और कहा कि लाभुकों के आवेदन और बैंक खाते के सत्यापन में समस्या है. ठगों ने महिलाओं को डराया कि अगर जल्द प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो योजना की अगली किस्त रोक दी जाएगी. इसके बाद आधार कार्ड की पूरी जानकारी मांगी गई और मोबाइल के जरिए कुछ पैसे भेजने का दबाव बनाया गया.

मामले की जानकारी मिलते ही चास के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रदीप कुमार ने लोगों को सतर्क किया. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह साइबर ठगी का मामला है. मंईयां सम्मान योजना के तहत सत्यापन या किसी भी सरकारी प्रक्रिया के लिए प्रशासन कभी फोन कर आधार नंबर, बैंक डिटेल, ओटीपी या पैसे नहीं मांगता. यदि किसी के पास ऐसा कॉल आता है तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें.

बीडीओ ने सभी लाभुकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय दस्तावेज साझा न करें. यदि कोई सरकारी अधिकारी बनकर पैसे या व्यक्तिगत जानकारी मांगता है तो तुरंत स्थानीय थाना, प्रखंड कार्यालय या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं. प्रशासन का कहना है कि थोड़ी-सी सतर्कता आपको साइबर ठगी का शिकार बनने से बचा सकती है.