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Jharkhand

BBMKU ने रोका PG में नामांकन, बोकारो के सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

बोकारो (BOKARO): विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) की ओर से स्नातकोत्तर (PG) नामांकन प्रक्रिया पर अचानक रोक लगाए जाने से बोकारो के विद्यार्थियों में आक्रोश है. विश्वविद्यालय के इस फैसले से सैकड़ों छात्र-छात्राओं के आगे की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है. नामांकन की उम्मीद लगाए बैठे विद्यार्थी अब असमंजस में हैं कि वे अपनी उच्च शिक्षा कैसे पूरी करेंगे. छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय को छात्र विरोधी बताते हुए तत्काल रोक हटाने और नामांकन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग की है.

बोकारो के कॉलेजों में PG नामांकन पर रोक लगने से उन विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है, जो स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद इसी जिले में रहकर आगे की शिक्षा हासिल करना चाहते हैं. छात्रों का कहना है कि एक ओर विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक सुविधाओं और सीटों में बढ़ोतरी की बात करता है, वहीं दूसरी ओर बोकारो में PG की पढ़ाई के अवसर सीमित किए जा रहे हैं. अचानक लिए गए इस फैसले से दाखिले की तैयारी कर रहे सैकड़ों विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं.

विद्यार्थियों का कहना है कि यदि बोकारो में PG की पढ़ाई का अवसर नहीं मिलता है, तो उन्हें उच्च शिक्षा के लिए धनबाद या अन्य शहरों का रुख करना पड़ेगा. इससे न केवल उनके परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, बल्कि आवास, परिवहन और अन्य खर्चों की समस्या भी बढ़ेगी. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए दूसरे शहर में जाकर पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं होगा. छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय का यह निर्णय उनके शैक्षणिक हितों की अनदेखी करने वाला है.

इस संबंध में विद्यार्थियों ने बोकारो स्टील सिटी कॉलेज के मुख्य संरक्षक एवं प्राचार्य से हस्तक्षेप करने की अपील की है. छात्रों ने उनसे विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने तथा PG नामांकन पर लगी रोक हटवाने की मांग की है. विद्यार्थियों का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई, तो उनका एक शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है. छात्रों ने चेतावनी दी है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.

रिपोर्ट: संजीव कुमार