बोकारो(BOKARO): लालखंड को लेकर धनबाद के भाजपा सांसद ढुल्लू महतो और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. ढुल्लू महतो के बयान पर अब जयराम महतो ने पलटवार किया है. उन्होंने साफ कहा कि हां, वह लालखंड के हितैषी हैं और इस बात को स्वीकार करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं
झारखंड आंदोलन को लेकर उठाए सवाल
जयराम महतो ने ढुल्लू महतो के आंदोलन में योगदान को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि उनके पिता और चाचा ने महज 18 साल की उम्र में झारखंड आंदोलन में हिस्सा लिया था. जयराम महतो ने कहा कि ढुल्लू महतो ने खुद कभी किसी आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया, ऐसे में उन्हें आंदोलन की जानकारी कितनी है, यह समझने की जरूरत है.
भ्रष्टाचार को लेकर भी निशाना
जयराम महतो ने कहा कि लालखंड के दौर में प्रखंड और थानों में आज जैसी घूसखोरी नहीं थी. उनके मुताबिक मौजूदा समय में भ्रष्टाचार का असर बढ़ा है. उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है.
आर्थिक असमानता पर भी उठाया सवाल
जयराम महतो ने समाज में बढ़ती आर्थिक असमानता को अपराध से जोड़ते हुए कहा कि जब एक तरफ लोगों के पास रोजगार और जरूरी सुविधाओं की कमी होगी और दूसरी तरफ आर्थिक अंतर लगातार बढ़ेगा, तो इसका असर समाज पर भी पड़ेगा.
उन्होंने ढुल्लू महतो की संपत्ति को लेकर भी दावा किया और कहा कि उनके पास 40 से 50 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति है. जयराम महतो ने सवाल किया कि अगर इतनी बड़ी संपत्ति है, तो उसका इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद लोगों के उत्थान के लिए क्यों नहीं किया जाता.
जयराम महतो ने कहा कि गरीबी और आर्थिक असमानता को कम किए बिना समाज में अपराध की समस्या से पूरी तरह निपटना मुश्किल होगा.
ढुल्लू महतो ने क्या कहा था
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के बयान से हुई. उन्होंने जयराम महतो पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वह लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं. ढुल्लू महतो ने कहा था कि झारखंड को ‘लालखंड’ बनाने के मंसूबे को कभी पूरा नहीं होने दिया जाएगा. इसी बयान के बाद जयराम महतो ने पलटवार करते हुए कहा कि हां, वह लालखंड के हितैषी हैं.
रिपोर्ट- संजीव कुमार