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नेपाल के सुनसरी में दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी, सांप्रदायिक हिंसा के बाद तनाव बरकरार

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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टीनपी डेस्क (TNP DESK): नेपाल के भारत से सटे सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. इसी को लेकर मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू रखी. सुनसरी जिला प्रशासन कार्यालय (DAO) के अनुसार सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कई क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक रहेगी. प्रशासन ने पूरे हरिनगर और देवघगंज ग्रामीण नगरपालिकाओं में प्रतिबंध लागू किया है, जबकि हरारिनगर, भुताहा, कप्तानगंज, घुस्की और देवगंज क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी रखा गया है. सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ा दी गई है और लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.

धार्मिक जुलूस के दौरान हुआ विवाद

आपको बता दें, रविवार को कप्तानगंज इलाके में दो धार्मिक समुदायों के जश्न के दौरान विवाद हो गया था, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई. पुलिस के मुताबिक, हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने और दोनों पक्षों को अलग करने के लिए सुरक्षाबलों को गोली चलानी पड़ी. इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सुरक्षाकर्मियों सहित 12 से अधिक लोग घायल हो गए. घायलों में दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. घटना के बाद पूरे जिले में तनाव फैल गया, जिसके चलते सोमवार से कर्फ्यू लागू कर दिया गया. प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा को रोका जा सके.

हाईवे पर आंशिक राहत, लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुनसरी जिले से गुजरने वाले ईस्ट-वेस्ट हाईवे पर मंगलवार सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर्फ्यू में अस्थायी ढील दी गई, ताकि आवश्यक सेवाएं और यातायात प्रभावित न हों. हालांकि दोपहर 3 बजे के बाद फिर से कर्फ्यू लागू कर दिया गया. प्रशासन ने रैलियों, धरनों, सार्वजनिक सभाओं और चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. भारत के बिहार से सटा सुनसरी जिला दोनों देशों के बीच व्यापार और आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण कॉरिडोर माना जाता है. ऐसे में प्रशासन स्थिति को जल्द सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, जबकि लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है.