INDIA

ममता बनर्जी के इस बयान से क्यों हलचल, क्यों कहा कि मुझे रोकने के लिए जान से मारना होगा

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : तमाम झंझाबातों को झेलते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर आक्रामक तेवर में दिख रही हैं. बागी नेताओं को सीधे तौर पर गद्दार कहते हुए ममता बनर्जी ने कहा है कि अगर मुझे राजनीतिक रूप से रोकना चाहते हो, तो पहले मुझे जान से मारना होगा. बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद आंतरिक विवाद आक्रामक बयानों तक पहुंच गया है. शनिवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रमा भट्टाचार्य ने इस्तीफा दे दिया और उसके बाद वह बागी  खेमा में शामिल हो गेन . 

ममता बनर्जी के आक्रामक तेवर अख्तियार के कई कारण हैं 
 
इसके बाद ममता बनर्जी आक्रामक तेवर अख्तियार कर लिया है. बागी गुट  द्वारा निर्वाचन आयोग के सामने असली टीएमसी होने और दो तिहाई बहुमत का दावा करने पर ममता बनर्जी ने सख्त तेवर अख्तियार  किया है. फेसबुक लाइव पर उन्होंने कहा कि तृणमूल  कांग्रेस का आधिकारिक चुनाव चिन्ह जोड़ा फूल हमेशा उनके प्रति वफादार रहने वाले लोगो के पास ही रहेगा. इसे कोई छीन नहीं सकता. विश्वासघात करने वाले बागियों को गंभीर कानूनी नतीजे भुगतने होंगें. इधर, बागी गुट ममता बनर्जी को सम्मान के तौर पर नए गुट का मुख्य सलाहकार बनने का जो प्रस्ताव दिया गया था, उसे ममता बनर्जी ने सिरे से खारिज कर दिया.

ममता बनर्जी-गद्दारों के साथ कभी हाथ नहीं मिला सकती

उन्होंने कहा कि मैं गद्दारों के साथ कभी हाथ नहीं मिला सकती. ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि चंद्रमा भट्टाचार्य के अचानक इस्तीफा देने और बागी गुट में जाने पर वह हैरान नहीं हुई. क्योंकि चंद्रमा ने उन्हें पहले ही सूचित कर दिया था. ममता बनर्जी ने कहा कि चंद्रमा का बेटा पहले ही टीएमसी विरोधी बागी खेमे से हाथ मिला चुका था. इसलिए शायद उन्होंने भी दबाव में आकर यह  कदम उठाया है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल के पीछे भाजपा का हाथ है. उन्होंने कहा कि उनके कई विधायक और नेता केंद्रीय एजेंसियों और राजनीतिक दबाव के कारण साथ छोड़ रहे हैं. लेकिन हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हम ना कभी बीजेपी के सामने सर झुकाएंगे और नहीं किसी दबाव में आकर आत्मसमर्पण करेगी. ममता बनर्जी का यह बयान बताता है कि ममता बनर्जी अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगीं और कानूनी लड़ाई और तेज हो सकती है.