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आखिर कौन है कनाडा से डिपोर्ट किया गया करमवीर सिंह, जिसे माना जाता है लॉरेंस बिश्नोई का 'खास'

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): लॉरेंस बिश्नोई,  का नाम गैंगस्टरों की दुनिया का एक ऐसा नाम है जिसे आज बच्चा-बच्चा जनता है. ऐसे में उसी कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बेहद खास माना जाने वाला करमवीर सिंह अब पुलिस की गिरफ्त में है. दरअसल पंजाब पुलिस ने विदेश में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और इसी अभियान के तहत कनाडा से डिपोर्ट किए गए करमवीर सिंह को पंजाब पुलिस की एंटी-गैंग्स्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक, करमवीर सिंह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी है और उस पर विदेश में उसके नेटवर्क को मदद पहुंचाने के आरोप हैं.

लुधियाना का रहने वाला है करमवीर

करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव पंजाब के लुधियाना के बहादुरके गांव का रहने वाला बताया गया है. पंजाब पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ राज्य में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, हथियारों से जुड़ी वारदात, लूट और रंगदारी जैसे मामले शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, उसके खिलाफ कम से कम पांच आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आई है.

अनमोल बिश्नोई को अमेरिका में ठिकाना देने का आरोप

पंजाब पुलिस का आरोप है कि करमवीर ने लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका में रहने के लिए ठिकाना और अन्य लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराई थी. इसी वजह से जांच एजेंसियों की नजर उस पर थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अमेरिका में रहते हुए करमवीर किन लोगों के संपर्क में था और विदेश में सक्रिय गैंग नेटवर्क में उसकी भूमिका कितनी व्यापक थी. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2023 में अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित बेकर्सफील्ड में करमवीर के विवाह समारोह का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें अनमोल बिश्नोई को पंजाबी गायकों के साथ देखा गया था. इस घटना का उल्लेख उसकी विदेश में मौजूदगी और संपर्कों के संदर्भ में किया गया है.

करमवीर के खिलाफ पंजाब पुलिस की AGTF ने 3 सितंबर 2026 को लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था. वह मोहाली के स्टेट क्राइम थाने में दर्ज एक मामले में वांछित था. इस केस में IPC, आर्म्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. कनाडा से डिपोर्ट होने के बाद दिल्ली पहुंचते ही AGTF की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया. करमवीर की हिरासत के बाद पुलिस की जांच अब केवल उसके पुराने आपराधिक मामलों तक सीमित नहीं है. AGTF उसके कथित ऑपरेशनल संपर्कों, फंडिंग चैनलों और विदेश में मौजूद गैंग के अन्य सदस्यों से रिश्तों की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ से नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और उसकी कथित भूमिका के बारे में और जानकारी मिल सकती है. इस कार्रवाई को पंजाब पुलिस की विदेश में मौजूद गैंग नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई की एक अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है. हाल के दिनों में विदेश से वांछित आरोपियों को भारत लाने के बाद अब जांच एजेंसियों का फोकस उन लोगों पर भी है, जो विदेश में छिपे अपराधियों को ठिकाना, पैसा या लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने में कथित तौर पर मदद करते हैं.