TNP DESK: परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को पुणे से राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत की. संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और छात्रों के हित में पांच सूत्रीय "एग्जाम मैनिफेस्टो" भी जारी किया.
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और CJP समर्थक शामिल हुए. इस दौरान दीपके ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें देशभर के छात्र हिस्सा लेंगे.
दीपके ने आरोप लगाया कि NEET-UG, CUET और CBSE जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सामने आई समस्याओं से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के बावजूद किसी भी स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की गई है. उनके अनुसार, इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराना है.
CJP के एग्जाम मैनिफेस्टो
आंदोलन के दौरान जारी मैनिफेस्टो में छात्रों के लिए कई मांगें रखी गईं. CJP ने कहा कि यदि किसी परीक्षा का पेपर लीक होता है, परीक्षा स्थगित होती है या परिणाम जारी होने में देरी होती है तो प्रभावित छात्रों को 10 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए.
संगठन ने यह भी मांग की कि प्रत्येक परीक्षा के लिए पहले से बैकअप तिथि निर्धारित हो ताकि किसी कारणवश परीक्षा रद्द होने पर 72 घंटे के भीतर दोबारा आयोजन किया जा सके. बड़े स्तर की भर्ती परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करने की मांग भी की गई.
मैनिफेस्टो में ऑनलाइन मूल्यांकन के स्थान पर उत्तर पुस्तिकाओं का भौतिक मूल्यांकन करने, परीक्षा या परिणाम में देरी से प्रभावित उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट देने तथा कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए पूर्व तकनीकी ऑडिट को अनिवार्य बनाने की मांग शामिल है. साथ ही परीक्षा आयोजन से जुड़े ठेके केवल योग्यता और क्षमता के आधार पर दिए जाने की बात कही गई है.
सरकार पर साधा निशाना
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समाज को अन्य विषयों में उलझाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और विकास जैसे सवालों पर चर्चा चाहिए, लेकिन राजनीतिक विमर्श अक्सर दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ दिया जाता है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि आंदोलन से जुड़े कुछ शिक्षकों और कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश की गई. दीपके के अनुसार, यदि परीक्षा गड़बड़ियों पर समय रहते कार्रवाई होती तो देशव्यापी आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ती.
20 जून को दिल्ली कूच की तैयारी
CJP ने घोषणा की है कि पुणे से शुरू हुआ यह अभियान जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु समेत कई शहरों तक पहुंचेगा. इसके बाद 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का अगला चरण आयोजित किया जाएगा. संगठन का कहना है कि वह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई जारी रखेगा.
