टीएनपी डेस्क (TNP DESK): एशिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस के संस्थापक झांग यिमिंग ने संपत्ति के मामले में भारत के उद्योगपति मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है. तकनीक की दुनिया से जुड़े इस कारोबारी की बढ़ती संपत्ति ने उन्हें एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है. झांग यिमिंग का नाम भले ही आम लोगों के बीच उतना चर्चित न हो, लेकिन उनकी बनाई गई कंपनी ने दुनिया भर में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है. टिकटॉक आज दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में शामिल है, करोड़ों लोग रोजाना इस ऐप का उपयोग करते हैं, जिसकी वजह से कंपनी की वैल्यू लगातार बढ़ती रही है. झांग यिमिंग ने साल 2012 में बाइटडांस की शुरुआत की थी, कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में तेजी से विस्तार किया, बाद में टिकटॉक के लॉन्च ने कंपनी को वैश्विक पहचान दिलाई. कुछ ही वर्षों में यह ऐप युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया और कई देशों में सोशल मीडिया की दुनिया को नई दिशा देने लगा.
कंपनी की सफलता का सीधा असर झांग यिमिंग की संपत्ति पर भी पड़ा, हाल के वर्षों में बाइटडांस की बाजार कीमत में लगातार वृद्धि हुई है, जिसके कारण उनकी कुल संपत्ति में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया. इसी बढ़त के साथ उन्होंने एशिया के अमीर लोगों की सूची में कई बड़े उद्योगपतियों को पीछे छोड़ दिया. दूसरी ओर, मुकेश अंबानी अभी भी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के जरिए उन्होंने ऊर्जा, दूरसंचार, रिटेल और डिजिटल सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति बनाई है, हालांकि हालिया आंकड़ों में झांग यिमिंग की संपत्ति उनसे आगे निकलती दिखाई दी है. एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति की बात करें तो इस सूची में पहला स्थान अभी भी एक अन्य बड़े कारोबारी के पास है, वैश्विक निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजरें लगातार इस बात पर बनी रहती हैं कि दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्यमियों की संपत्ति में किस तरह बदलाव हो रहा है. झांग यिमिंग की सफलता यह भी दिखाती है कि आज के दौर में तकनीक आधारित कंपनियां कितनी तेजी से आर्थिक ताकत बन सकती हैं, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से शुरू हुआ कारोबार कुछ ही वर्षों में अरबों डॉलर की कंपनी में बदल गया और इसके संस्थापक दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हो गए. टिकटॉक और बाइटडांस की यह सफलता आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की ताकत को दर्शाती है, आने वाले समय में भी तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियां वैश्विक संपत्ति और व्यापार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती नजर आ सकती हैं.
रिपोर्ट - सौम्या शुक्ला
