TNP DESK: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर साफ संदेश दिया है कि देश की सेनाएं हर परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरे तरीके से तयार हैं.उन्होंने कहा कि चुनौतियां चाहे किसी भी रूप में सामने आएं, भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना चौबीसों घंटे सतर्क थी,हैं,और हमेशा रहेगी. उनके बयान से यह भी संकेत मिला कि ऑपरेशन सिंदूर की भावना अभी खत्म नहीं हुई है और जरूरत पड़ने पर उससे जुड़े अगले कदम भी उठाए जा सकते हैं.
पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने बदलते युद्ध के स्वरूप पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि आज का युद्ध सिर्फ बंदूक, टैंक और मिसाइलों तक सीमित नहीं है. अब लड़ाई तकनीक, साइबर स्पेस, निगरानी प्रणाली और सूचनाओं के मोर्चे पर भी लड़ी जाती है. ऐसे समय में सेनाओं को हर क्षेत्र में खुद को लगातार मजबूत करना पड़ रहा है.
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को और बेहतर बनाया जा रहा है. उनका मानना है कि किसी भी बड़े अभियान की सफलता केवल हथियारों से नहीं, बल्कि सेना, वायुसेना और नौसेना के मजबूत समन्वय से तय होगी. बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुसार सैन्य रणनीतियों को भी लगातार अपडेट किया जा रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक ने युद्धक्षेत्र को पहले से कहीं ज्यादा खुला बना दिया है. सीमाओं पर होने वाली गतिविधियों पर अब लगातार नजर रखी जा सकती है, इसलिए सुरक्षा बलों को हर समय तैयार रहना पड़ता है. छोटी से छोटी हलचल पर भी पैनी नजर रखना आज की जरूरत बन चुकी है.
सेना प्रमुख ने सूचना युद्ध के बढ़ते महत्व का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि किसी देश की ताकत सिर्फ उसकी सैन्य क्षमता से नहीं मापी जाती, बल्कि यह भी देखा जाता है कि उसके नागरिक कितने जागरूक हैं और सही जानकारी पर कितना भरोसा करते हैं. जब समाज एकजुट रहता है और भ्रामक सूचनाओं से बचता है, तब बाहरी चुनौतियों का सामना करना और आसान हो जाता है.
ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत कार्रवाई के रूप में देखा जाता है. पिछले कुछ वर्षों में देश ने अपनी सैन्य क्षमताओं, तकनीकी संसाधनों और जवाबी कार्रवाई की ताकत को लगातार बढ़ाया है. सेना प्रमुख का यह बयान उसी रणनीतिक सोच और तैयारी को दर्शाता है.
उनकी बातों से साफ है कि भारतीय सशस्त्र बल केवल आज की चुनौतियों पर ही नहीं, बल्कि आने वाले समय के संभावित खतरों पर भी नजर बनाए हुए हैं.देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सतर्कता और तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी.
रिपोर्ट- सौम्या शुक्ला
