टीएनपी डेस्क (TNP DESK): करीब छह साल पुराने दिशा सालियान मौत मामले ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति और बॉलीवुड की दुनिया में हलचल बढ़ा दी है. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सीबीआई ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे समेत कई हाई-प्रोफाइल नामों का जिक्र किया गया है. इसके बाद सवाल उठने लगा है कि आखिर आदित्य ठाकरे का इस मामले से क्या कनेक्शन बताया जा रहा है और क्या FIR में नाम आने का मतलब उनकी गिरफ्तारी है? हालांकि, सबसे अहम बात यह है कि FIR में किसी व्यक्ति का नाम आना अपने आप में उसे आरोपी या दोषी साबित नहीं करता. हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट निर्देश दिया है कि पर्याप्त आधार और जांच में सामने आए सबूतों के बिना किसी को आरोपी न माना जाए.
कैसे फिर चर्चा में आया दिशा सालियान केस?
दिशा सालियान की 2020 में मुंबई के मलाड स्थित एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी. शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस ने इसे दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट के रूप में दर्ज किया था और बाद की जांच में आत्महत्या का निष्कर्ष सामने आया. 2023 में महाराष्ट्र सरकार ने मामले की दोबारा जांच के लिए SIT बनाई थी, जिसने उपलब्ध रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद किसी आपराधिक साजिश के संकेत नहीं पाए थे. लेकिन दिशा के पिता सतीश सालियान ने इन निष्कर्षों पर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की और स्वतंत्र जांच की मांग की. 2 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने का निर्देश दिया. अदालत ने यह भी कहा कि जांच किसी वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी के नेतृत्व में होनी चाहिए. इसके बाद सीबीआई ने दिशा के पिता का बयान दर्ज किया और FIR दर्ज कर दी. रिपोर्टों के मुताबिक FIR में गैंगरेप, हत्या, सबूत मिटाने और सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ी धाराएं शामिल की गई हैं.
कौन हैं आदित्य ठाकरे और क्या है कनेक्शन?
आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल हैं और शिवसेना (UBT) के नेता हैं. दिशा सालियान मामले में उनका नाम पहले भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के दौरान सामने आता रहा है. हालांकि कुछ मीडिया रेपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है दिशा कथित तौर पर आदित्य की मैनेजर रह चुकीं हैं. वहीं दावा यह भी है कथित तौर पर दिशा, आदित्य की गर्लफ्रेंड भी रह चुकीं हैं. ऐसे में अब दिशा के पिता की शिकायत पर आधारित सीबीआई FIR में भी आदित्य ठाकरे का नाम दर्ज होने की बात सामने आई है. FIR में उनके नाम को लेकर शिकायत में कई तरह के आरोप और जांच के बिंदु दर्ज किए गए हैं. इनमें कथित साजिश और बाद में मामले को प्रभावित करने से जुड़े आरोप भी शामिल हैं. आदित्य ठाकरे के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, कुछ पुलिस अधिकारियों और फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों के नाम भी शिकायत में बताए गए हैं. वहीं आदित्य ठाकरे और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर उनकी ओर से अलग-अलग मौकों पर इनकार किया गया है. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया है.
जांच एजेंसी को किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्य, बयान, दस्तावेज और अन्य सामग्री का आकलन करना होगा. खास तौर पर इस मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पर्याप्त आधार के बिना किसी को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए. इस पूरे मामले ने इसलिए भी राजनीतिक रंग ले लिया है क्योंकि दिशा सालियान की मौत के कुछ ही दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी. दोनों घटनाओं को लेकर वर्षों से कई तरह के दावे किए जाते रहे हैं. हालांकि, सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई जांच में भी बाद में कोई आपराधिक साजिश साबित नहीं हुई और 2025 में मामला बंद करने की रिपोर्ट दाखिल की गई थी. अब दिशा सालियान मामले की नई सीबीआई जांच में पुराने रिकॉर्ड, बयानों और साक्ष्यों की दोबारा पड़ताल होगी. ऐसे में आने वाले समय में जांच से सामने आने वाले तथ्य ही यह स्पष्ट करेंगे कि छह साल पुराने इस मामले में वास्तव में क्या हुआ था.
