टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित झड़प और छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है. विवाद के बीच सांसद पप्पू यादव, संसद मार्ग थाने के बाहर CJP की ओर से आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शनकारी मामले में पुलिस कार्रवाई और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग
जंतर-मंतर की घटना और उसके बाद सामने आए बयानों को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि छात्रा के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और मामले में कार्रवाई होनी चाहिए. CJP के प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा भी इसी प्रकरण में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग रहा. सांसद पप्पू यादव के प्रदर्शन में पहुंचने के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक चर्चा में आ गया. उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय होने पर उसकी शिकायत सुनी जानी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.
पप्पू यादव ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
पप्पू यादव ने अपने संबोधन में गरीबों, दलितों, महिलाओं और पत्रकारों के साथ होने वाले कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया. उन्होंने सवाल किया कि किसी पुलिस अधिकारी को गरीब परिवार की बेटी के साथ गलत व्यवहार करने या उसकी शिकायत दर्ज करने से इनकार करने का अधिकार किस कानून के तहत मिल सकता है.उन्होंने कहा कि संविधान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित करना है. ऐसे में किसी भी स्तर पर मनमानी स्वीकार नहीं की जा सकती. पप्पू यादव ने मांग की कि पूरे मामले में शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए और आरोपों की निष्पक्ष जांच हो.
राहुल गांधी का नाम लेकर सरकार पर हमला
पप्पू यादव ने इस दौरान राहुल गांधी का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी पीड़ित पक्ष के लिए आवाज उठाएंगे और मामले को नजरअंदाज नहीं होने देंगे. इसके साथ ही पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर भी तीखा राजनीतिक हमला किया. उन्होंने सरकार को संविधान, दलित, महिला और अल्पसंख्यक विरोधी बताते हुए कहा कि विपक्ष ऐसे मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा.फिलहाल जंतर-मंतर से जुड़े इस विवाद में कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. अब निगाहें पुलिस के अगले कदम और मामले में होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं.
