TNP DESK: NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहा छात्र आंदोलन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. लंबे समय से छात्रों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है. हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका अनशन खत्म होने का मतलब आंदोलन का अंत नहीं है. उनका कहना है कि छात्रों की लड़ाई अभी जारी रहेगी और जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
अनशन समाप्त कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात की. इस दौरान सरकार और वांगचुक के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और कई अहम प्रस्ताव सरकार के सामने रखे गए.
सरकार के सामने रखे गए प्रमुख प्रस्ताव
सोनम वांगचुक ने बातचीत के दौरान कुछ प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण मांग यह रही कि संसद में NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित गड़बड़ियों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए, ताकि पूरे देश के सामने तथ्यों को रखा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
उन्होंने यह भी मांग रखी कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज किसी भी प्रकार की FIR वापस ली जाए. उनका कहना था कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे और उन्हें अपराधी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए.
इसके अलावा आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी रखी गई. वांगचुक का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में विश्वास टूटने और लगातार मानसिक दबाव के कारण कई परिवारों ने अपूरणीय क्षति झेली है. ऐसे परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहायता मिलनी चाहिए.
संसद में आज हो सकती है महत्वपूर्ण चर्चा
आज संसद में NEET-UG पेपर लीक मामले पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है. विपक्ष लगातार इस मुद्दे को संसद में उठा रहा है और सरकार से जवाब मांग रहा है. माना जा रहा है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार, जांच की प्रगति, छात्रों की सुरक्षा और भविष्य की परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार अपना पक्ष रख सकती है.
संसद में होने वाली यह चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लाखों छात्र और अभिभावक इस मामले में स्पष्ट जवाब और ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
आधी रात प्रधानमंत्री का वीडियो आया सामने
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो भी सामने आया, जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी. वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तेज जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो. उनका कहना था कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है.
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच उम्मीद जगी है कि मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ सकती है.
अनशन खत्म, लेकिन आंदोलन नहीं
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उनका व्यक्तिगत अनशन समाप्त हुआ है, लेकिन आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि वे दोबारा छात्रों के बीच जाकर उनके साथ खड़े होंगे और आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाएंगे.
उन्होंने छात्रों से भी अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखें और किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें.
वांगचुक का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य का प्रश्न है.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बरकरार
आंदोलन की सबसे बड़ी मांगों में से एक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी बनी हुई है. प्रदर्शनकारी छात्रों और कई छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी तय नहीं होती और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय किए बिना केवल जांच कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा. उनका कहना है कि व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं.
देशभर में जारी हैं प्रदर्शन
आज देश के कई राज्यों में NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में छात्र संगठनों ने विरोध मार्च, धरना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है.
दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र एकत्र होकर परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं. बिहार और झारखंड के कई जिलों में भी छात्रों ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन की तैयारी की है. उत्तर प्रदेश के कई शहरों में छात्र संगठनों ने ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम बनाया है.
विभिन्न विश्वविद्यालयों, मेडिकल अभ्यर्थियों, युवा संगठनों और नागरिक समूहों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है. कई स्थानों पर अभिभावक भी छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं.
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून, छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की वापसी तथा प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करना शामिल है.
इसके अलावा कई छात्र संगठन राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा सुरक्षा कानून बनाने और डिजिटल निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की भी मांग कर रहे हैं.
आगे क्या होगा?
अब पूरे देश की नजर संसद में होने वाली चर्चा और सरकार के अगले कदमों पर टिकी हुई है. यदि सरकार संसद में छात्रों की मांगों पर स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करती है और जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए ठोस कदम उठाती है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है.
हालांकि, छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
फिलहाल सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त हो चुका है, लेकिन छात्रों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. देशभर में चल रहे प्रदर्शन यह संकेत दे रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वास बहाली की मांग अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुकी है. आने वाले दिनों में संसद की चर्चा, सरकार के फैसले और जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस पूरे आंदोलन की अगली दिशा तय करेंगे.
