धनबाद(DHANBAD): अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण से लेकर चढ़ावे में चोरी के मामले उद्घाटित होने तक सबसे चर्चित नाम रहा चंपत राय का. उन्होंने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है, फिर भी सवालों के घेरे में हैं. दरअसल, चंदा चोरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट के बाद आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. राम मंदिर ट्रस्ट में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे महासचिव चंपत राय सवालों के घेरे में है । सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को चंपत राय ने श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. मंदिर के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दिया है. विपक्षी नेता मांग कर रहे हैं कि मंदिर की कोष और जमीन खरीद से जुड़ी गड़बड़ियों में चंपत राय की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
आइये - आपको बताते हैं कि कौन हैं यह चंपत राय, चंपत राय का जन्म 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुआ. उनके पिता रामेश्वर प्रसाद बंसल आर एसएस से जुड़े थे. चंपत राय अपने भाई -बहनों में दूसरे नंबर पर हैं. बचपन से ही इन्होंने संघ की शाखों में जाना शुरू कर दिया था और वह आर एस एस से जुड़ गए. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह डिग्री कॉलेज में पढ़ाने लगे. वह शिक्षक के रूप में सेवा करते हुए आरएसएस के प्रचार प्रसार में जुट गए. आपातकाल के दौरान 8 महीना तक जेल में रहे, इसके बाद शिक्षक की नौकरी छोड़कर संघ के पूर्णकालिक प्रचारक बन गए.
जानकार बताते हैं कि 1984 की धर्म संसद के बाद जब विश्व हिंदू परिषद ने राम जन्मभूमि आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाना शुरू किया, तब संघ से अशोक सिंघल समेत कई प्रचारकों को भेजा गया था, जिसमें चंपत राय भी शामिल थे. राम मंदिर वाले शहर के इतिहास और रास्तों के बारे में गहरी जानकारी के चलते ही चंपत राय को अयोध्या का साइक्लोपीडिया भी कहा जाता है. चंदा विवाद में चंपत राय के खिलाफ कोई आरोप नहीं है लेकिन गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रामाशंकर यादव उर्फ टीनू यादव भी शामिल है.
उल्लेखनीय है कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पुलिस ने लगभग 80 लाख रुपए नगद बरामद किया है. इस मामले में आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है जानकारी के अनुसार गुरुवार की देर रात पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. यह प्राथमिकी ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी. श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज हुआ था. इस मामले में रामाशंकर यादव उर्फ टीनू यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, लव कुश मिश्रा ,रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव सहित अज्ञात पर प्राथमिक दर्ज की गई थी .सूत्र बताते हैं कि आरोपी टीनू यादव के पास बिना आदेश के हुंडियों की चाबी थी. सूत्रों के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वास घात और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है.
