टिएनपी डेस्क (TNP DESK): CJP के NEET प्रदर्शन के बाद एक बार फिर जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन हो रहा है. इस बार प्रदर्शनकारी आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर जुट रहे हैं. शुक्रवार को दिनभर जंतर-मंतर पर लोगों की भीड़ जुट रही है और आरक्षण को लेकर नारे लगाए जा रहे हैं. शाम होते-होते प्रदर्शन तेज हो रहा है. तय समय के बाद भी कुछ प्रदर्शनकारी मौके पर मौजूद रह रहे हैं. इसके बाद पुलिस 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले रही है.
आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
प्रदर्शनकारी मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए. प्रदर्शन में लोग पोस्टर लेकर पहुंच रहे हैं और "आरक्षण गरीब को मिले, जाति को नहीं" जैसे नारे लगा रहे हैं.
यह प्रदर्शन सोशल मीडिया से जुड़े 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के बैनर तले हो रहा है. प्रदर्शनकारी शिक्षा, सरकारी नौकरी, छात्रवृत्ति और दूसरी सरकारी सुविधाओं में आरक्षण के मौजूदा नियमों पर सवाल उठा रहे हैं.
उनका कहना है कि अगर दो परिवारों की आर्थिक स्थिति एक जैसी है तो सिर्फ जाति के आधार पर उनके बच्चों को अलग-अलग अवसर क्यों मिल रहे हैं. प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना समान अवसर मिलें.
"एक परिवार, एक बार आरक्षण" की मांग
प्रदर्शन में कुछ लोग "एक परिवार, एक आरक्षण, एक बार" की नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर किसी परिवार के एक सदस्य को आरक्षण का लाभ मिल चुका है तो उसी परिवार को लगातार कई पीढ़ियों तक इसका फायदा नहीं मिलना चाहिए.
प्रदर्शनकारी आरक्षण व्यवस्था के लिए एक तय समय सीमा यानी 'सनसेट क्लॉज' की मांग भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि आरक्षण की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए और जरूरत के हिसाब से इसमें बदलाव किया जाना चाहिए.
कुछ प्रदर्शनकारी सार्वजनिक जीवन में जाति की पहचान को कम करने की मांग भी कर रहे हंा और "एक देश, एक पहचान" जैसे नारे लगा रहे हैं.
सरकारी परीक्षाओं के नियमों पर भी सवाल
प्रदर्शनकारी यूपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में उम्र सीमा और प्रयासों की संख्या को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं.
उनका कहना है कि कुछ श्रेणियों के उम्मीदवारों को उम्र सीमा और परीक्षा में बैठने के अतिरिक्त मौके मिल रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इससे सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए प्रतियोगिता मुश्किल हो रही है. वे भर्ती परीक्षाओं में इन नियमों की समीक्षा की मांग कर रहे हैं.
शाम के बाद बढ़ रही पुलिस की तैनाती
प्रदर्शन के लिए पुलिस की ओर से शाम 4 बजे तक की अनुमति दी जा रही है. पुलिस के मुताबिक, 500 लोगों तक को प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति है. रातभर धरने की अनुमति नहीं है.
शाम करीब 7:30 बजे कुछ प्रदर्शनकारी तय समय के बाद भी जंतर-मंतर पर मौजूद रह रहे हैं और नारेबाजी कर रहे हैं. पुलिस उन्हें मौके से हटने के लिए कह रही है. जब वे वहां से नहीं जा रहे हैं तो अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया जा रहा है.
इसके बाद पुलिस 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही है और जंतर-मंतर को खाली कराया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है.
आगे क्या?
फिलहाल जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है और पुलिस हालात पर नजर रख रही है. प्रदर्शनकारियों की मांगों में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने और सरकारी भर्ती परीक्षाओं के नियमों में बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हैं. अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और यह प्रदर्शन आगे किस दिशा में जाता है.