टीएनपी डेस्क(TNP DESK): हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राज्य के कई जिलों में बाढ़, भूस्खलन और सड़कें टूटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, जबकि मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
किन्नौर जिले के पूह उपमंडल के लिप्पा क्षेत्र में तेज बारिश के बाद पेजर नाले में अचानक बाढ़ आ गई. पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा आने से तेती खड्ड का बहाव रुक गया. इसके कारण लिप्पा गांव को जोड़ने वाला करीब 100 फुट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में डूब गया. पुल बंद होने से गांव का संपर्क प्रभावित हुआ और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में भी हालात गंभीर बने हुए हैं. यहां बादल फटने के बाद गड़सा नाले में तेज बाढ़ आ गई. पानी के तेज बहाव में करीब 10 छोटे पुल बह गए. कई गांवों का संपर्क टूट गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. इस घटना से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
राजधानी शिमला में भी लगातार बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है. कई इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं. विकासनगर इलाके में पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. वहीं टूटू क्षेत्र में पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा. कई संवेदनशील इलाकों में मलबा जमा होने से लोगों की आवाजाही में परेशानी हुई.
भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शिमला समेत कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया. मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक और बारिश होने की संभावना जताई है. साथ ही लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है.
बारिश का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ा है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेश में करीब 75 सड़कें बंद हो गई हैं. कई इलाकों में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. 29 बिजली ट्रांसफॉर्मर बंद होने से कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है. इसके अलावा पांच पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है और राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं. जहां-जहां सड़कें बंद हुई हैं, वहां उन्हें जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही प्रभावित परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल बारिश का दौर जारी रह सकता है. ऐसे में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है. लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है.
