टीएनपी डेस्क (TNP DESK): दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज के शामिल होने के बाद आंदोलन को नया समर्थन मिला है. प्रकाश राज ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ बातचीत की और कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था छात्रों का अधिकार है.
प्रकाश राज ने इस आंदोलन से जुड़ते हुए अपनी एकजुटता दिखाई है. उनका कहना है कि जब छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठते हैं, तो समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति को अपनी आवाज उठानी चाहिए. इसी वजह से उन्होंने CJP के प्रदर्शन को समर्थन दिया और जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया.
प्रकाश राज ने आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक से भी मुलाकात की. वांगचुक पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं. उन्होंने कहा कि वह कोई हीरो या आधुनिक गांधी नहीं हैं, बल्कि एक सामान्य नागरिक हैं जो अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी एक व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय खुद अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के लिए आगे आएं.
प्रकाश राज के समर्थन के बाद CJP के आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी मजबूती मिली है. संगठन लंबे समय से कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर आवाज उठा रहा है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि देश में ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें पारदर्शिता हो और छात्रों का भरोसा कायम रहे.
CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकालने का ऐलान किया है. यह मार्च जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित है. इसका उद्देश्य सांसदों तक छात्रों की मांगों को पहुंचाना और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है.
प्रकाश राज ने इस मार्च को भी अपना समर्थन दिया है. हालांकि, उनकी भूमिका प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने, आंदोलन की आवाज को मजबूती देने और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उठाने की होगी. उनके शामिल होने से आंदोलन को लोगों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है.
सोनम वांगचुक ने भी लोगों से अपील की है कि वे 20 जुलाई के मार्च में शामिल हों. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दिल्ली नहीं आ सकते तो अपने स्तर पर आंदोलन का समर्थन करें.
प्रकाश राज के अलावा पूर्व केरल वित्त मंत्री थॉमस इसाक और त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया. वहीं, AISA की ओर से भी जंतर-मंतर पर अलग से अनशन जारी है.
CJP की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की जा रही है. संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
