INDIA

तृणमूल कांग्रेस  : बंगाल के बाद दिल्ली में भी टूट ,अब क्या करेंगी ममता बनर्जी !!

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
तृणमूल कांग्रेस  : बंगाल के बाद दिल्ली में भी टूट ,अब क्या करेंगी ममता बनर्जी !!

TNP DESK : तृणमूल कांग्रेस के लिए पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद राजनीतिक संकट लगातार गहराता नजर आ रहा है. पार्टी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं. पहले राज्य में विधायकों के टूटने की खबरें सामने आईं और अब दिल्ली में भी पार्टी के भीतर बड़ी बगावत की चर्चा तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों ने अलग गुट बनाने का दावा किया है और उन्होंने एनडीए को समर्थन देने की घोषणा भी कर दी है.

सूत्रों के मुताबिक बागी सांसदों ने खुद को “असली तृणमूल कांग्रेस” बताया है. खबर यह भी है कि इस नए गुट की नेता काकोली घोष होंगी, जबकि शताब्दी घोष को डिप्टी लीडर बनाया गया है. बागी सांसदों ने कथित तौर पर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर एनडीए के साथ गठबंधन की इच्छा जाहिर की है. इससे राष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है और तृणमूल कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं.

जानकारी के अनुसार, औपचारिक घोषणा से पहले बागी सांसदों ने भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर पर बंद कमरे में बैठक की थी. इस बैठक में पश्चिम बंगाल के कुछ बड़े राजनीतिक चेहरे भी मौजूद थे. माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर लंबे समय से असंतोष चल रहा था, जो अब खुलकर सामने आ गया है. विधानसभा की तरह लोकसभा में भी दो-तिहाई सांसदों के अलग होने का दावा किया जा रहा है.

तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसद हैं और अलग गुट बनाने के लिए दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी होता है. ऐसे में 20 सांसदों का दावा राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है.

इस बीच सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सभी सांसद 2024 का चुनाव तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे हैं और जनता ने उन्हें एनडीए के समर्थन के लिए वोट नहीं दिया था. महुआ ने कहा कि यदि कोई भाजपा में जाना चाहता है तो पहले सांसद पद से इस्तीफा दे और फिर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर जनता का सामना करे. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में बंगाल और दिल्ली की राजनीति किस दिशा में जाती है.