INDIA

80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, गरीब और मिडिल क्लास के बच्चों को मिलेगी फ्री कोचिंग

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
Copy Editor

TNP DESK: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को संबोधित किया. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की वर्तमान उपलब्धियों के साथ-साथ आने वाले वर्षों के लिए कई बड़े लक्ष्य और योजनाएं सामने रखीं. उनके भाषण में युवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा, खेल, सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा, सिविल डिफेंस और आत्मनिर्भर भारत पर खास जोर दिखाई दिया.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 'हर घर तिरंगा' और 'हर मन तिरंगा' का संदेश देते हुए देशवासियों से राष्ट्र के प्रति एकजुटता और गर्व की भावना मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है. प्रधानमंत्री के भाषण का व्यापक फोकस 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा पर रहा.

1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी एक बड़ी पहल की घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले एक साल में देश के 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रही है.

आज के दौर में AI तेजी से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार और तकनीक के क्षेत्र को बदल रहा है. ऐसे में सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है. इस पहल से युवाओं को नई डिजिटल स्किल हासिल करने और बदलती रोजगार व्यवस्था में अपनी जगह बनाने का अवसर मिल सकता है.

प्रधानमंत्री के भाषण में AI को केवल तकनीक नहीं, बल्कि आने वाले समय की आर्थिक और रोजगार क्षमता से जोड़कर देखा गया. इससे साफ है कि सरकार भारत के युवा वर्ग को भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है.

गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करेगी, ताकि महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम हो सके.

देश में UPSC, JEE, NEET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र बड़ी रकम खर्च करते हैं. खासकर छोटे शहरों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के सामने गुणवत्तापूर्ण कोचिंग तक पहुंच एक बड़ी चुनौती रहती है. ऐसे में मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की योजना शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

इस घोषणा का उद्देश्य केवल परीक्षा की तैयारी को आसान बनाना नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति के कारण प्रतिभाशाली छात्रों के अवसर सीमित न हों, यह सुनिश्चित करना भी है.

2036 ओलंपिक की मेजबानी पर जोर

प्रधानमंत्री ने खेल के क्षेत्र में भी भारत की महत्वाकांक्षा को सामने रखा. उन्होंने कहा कि भारत प्रयास करेगा कि 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी देश में हो.

भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. ओलंपिक की मेजबानी भारत के लिए खेल ढांचे, खिलाड़ियों की तैयारी और अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिहाज से बड़ा अवसर हो सकती है.

प्रधानमंत्री ने बच्चों और युवाओं में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने पर भी जोर दिया. उन्होंने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के बीच प्रतिभा खोजने और उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही. इसका उद्देश्य कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है.

सिविल डिफेंस को आधुनिक बनाने की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी ने सिविल डिफेंस को भी आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. बदलते समय में प्राकृतिक आपदाओं, आपात स्थितियों और अन्य संकटों से निपटने के लिए मजबूत और आधुनिक नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया गया.

सरकार की कोशिश ऐसी व्यवस्था विकसित करने की है, जिसमें आपात स्थिति के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा, राहत और बचाव कार्य अधिक प्रभावी तरीके से किए जा सकें.

सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा

प्रधानमंत्री ने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रही प्रगति को भी रेखांकित किया. उन्होंने बताया कि भारत में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं और आने वाले वर्षों में 7 से 8 और सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की तैयारी है.

सेमीकंडक्टर आज मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा उपकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक मशीनों से लेकर लगभग हर महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्र की जरूरत बन चुके हैं. ऐसे में भारत के लिए चिप निर्माण में आत्मनिर्भर होना रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है.

प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश का लक्ष्य केवल सेमीकंडक्टर का बाजार बनना नहीं, बल्कि इसके निर्माण और सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है. इससे आने वाले समय में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य

ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा. उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा.

भारत की बढ़ती आबादी, उद्योगों के विस्तार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है. उनके मुताबिक पिछले एक दशक में देश में पांच नए परमाणु रिएक्टर तैयार हो चुके हैं. आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र का और विस्तार करने की योजना है.

परमाणु ऊर्जा को लंबे समय के लिए स्थिर और कम-कार्बन ऊर्जा स्रोतों में से एक माना जाता है. इसलिए 2047 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य भारत की ऊर्जा जरूरतों और भविष्य की विकास योजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.

'विकसित भारत @2047' पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का सबसे बड़ा संदेश 'विकसित भारत @2047' की दिशा में आगे बढ़ना रहा. उन्होंने तकनीक, शिक्षा, ऊर्जा, विनिर्माण, रक्षा, कृषि और युवाओं को भारत की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण आधार के रूप में पेश किया.

प्रधानमंत्री ने 'शक्ति की सप्तधारा' का भी उल्लेख किया, जिसके जरिए विकास के अलग-अलग क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने की बात कही गई. इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, तकनीक एवं इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा उत्पादन, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

युवाओं को विकास के केंद्र में रखने का संदेश

इस बार के संबोधन में युवाओं से जुड़े ऐलान विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे. AI ट्रेनिंग से लेकर मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और खेल प्रतिभाओं की पहचान तक, सरकार की योजनाओं में युवाओं को केंद्र में रखने की कोशिश दिखाई दी.

एक तरफ सरकार तकनीकी रूप से सक्षम युवा तैयार करना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में कदम उठाने की बात कही गई है. खेलों में भी कम उम्र से प्रतिभा खोजकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तकनीक और ऊर्जा पर जोर

प्रधानमंत्री के भाषण में आत्मनिर्भरता का मुद्दा भी प्रमुख रहा. सेमीकंडक्टर निर्माण और परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के ऐलान इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं.

सेमीकंडक्टर के मामले में घरेलू निर्माण बढ़ने से भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है. वहीं परमाणु ऊर्जा क्षमता में वृद्धि से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और आयातित ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन केवल उपलब्धियों का उल्लेख करने तक सीमित नहीं रहा. इसमें आने वाले वर्षों के लिए तकनीक, शिक्षा, खेल, ऊर्जा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े कई बड़े लक्ष्य सामने रखे गए.

1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग, गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, 2036 ओलंपिक की मेजबानी की कोशिश, बच्चों के लिए खेल प्रतिभा खोज, आधुनिक सिविल डिफेंस, सेमीकंडक्टर प्लांट्स का विस्तार और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य—ये घोषणाएं बताती हैं कि सरकार आने वाले वर्षों में युवा शक्ति, तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा को भारत की विकास यात्रा के प्रमुख आधार के रूप में देख रही है.

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुट होकर 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को पूरा करने की अपील की. स्वतंत्रता दिवस के इस संबोधन में उनका संदेश स्पष्ट रहा कि आने वाले दो दशकों में भारत को केवल आर्थिक रूप से मजबूत नहीं, बल्कि तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा, खेल और रणनीतिक क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.