टिएनपी डेस्क(TNP DESK): देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी में जुटा है. लाल किले पर होने वाले मुख्य समारोह को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं. इसी बीच स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले राजधानी दिल्ली में कई महत्वपूर्ण स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. शुक्रवार, 14 अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 समेत कई जगहों पर धमकी भरे ई-मेल मिलने की जानकारी सामने आई. सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और दमकल की टीमें संबंधित स्थानों पर पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू किया गया.
शुरुआती जांच में अब तक किसी भी जगह से संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है. अधिकारियों की ओर से इन धमकियों को फिलहाल फर्जी यानी होक्स माना जा रहा है. हालांकि, स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले धमकी मिलने के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं.
छह महत्वपूर्ण जगहों पर धमकी से बढ़ी चिंता
जानकारी के मुताबिक दिल्ली की करीब छह महत्वपूर्ण जगहों को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए. इनमें दिल्ली हाई कोर्ट, आईजीआई एयरपोर्ट का टर्मिनल-3, जामनगर हाउस, झंडेवालान की फ्लैटेड बिल्डिंग, एमबी साकेत स्थित डीएम कार्यालय और दिल्ली कैंट का एसडीएम कार्यालय शामिल हैं.
इन जगहों पर सूचना मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. पुलिस टीमों के साथ बम निरोधक दस्ते और दमकल कर्मियों ने जांच की. संवेदनशील इलाकों में आने-जाने वालों पर भी नजर रखी गई. एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर सुरक्षा जांच को और सख्त कर दिया गया.
फिलहाल जांच में किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां धमकी के स्रोत और इसके पीछे की मंशा का पता लगाने में जुटी हैं.
हाई कोर्ट में भी चला सर्च ऑपरेशन
दिल्ली हाई कोर्ट को धमकी वाला ई-मेल मिलने के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था तुरंत बढ़ा दी गई. हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत परिसर की जांच शुरू की गई.
बम निरोधक दस्ते ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली. पुलिस ने आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाई. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस तरह की किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लिया जा सकता, खासकर जब देश का बड़ा राष्ट्रीय समारोह अगले ही दिन होना हो.
हालांकि, तलाशी के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी वाला ई-मेल किस जगह से भेजा गया और इसके पीछे कौन है.
ई-मेल में लाल किले का जिक्र क्यों अहम
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस ई-मेल को लेकर है, जिसमें लाल किले का भी जिक्र होने की बात सामने आई है. स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रधानमंत्री इसी ऐतिहासिक स्थल की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं. इसलिए लाल किला सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील स्थान है.
लाल किले का महत्व सिर्फ एक ऐतिहासिक इमारत के तौर पर नहीं है. यह देश की आजादी और राष्ट्रीय गौरव का बड़ा प्रतीक है. ऐसे में किसी धमकी में इसका नाम आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सावधानी बरत रही हैं.
हालांकि, किसी ई-मेल में लाल किले का जिक्र होने भर से यह साबित नहीं होता कि किसी हमले की वास्तविक योजना बनाई गई थी. इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकती है. फिलहाल एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं.
स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा पहले ही थी कड़ी
दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही मजबूत की गई थी. लाल किले और उसके आसपास कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. पुलिसकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती के साथ वाहनों की जांच, सीसीटीवी निगरानी और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है.
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बाजार और दूसरे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है. कई जगहों पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है. स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीकी निगरानी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
2024 में भी मिला था सुरक्षा अलर्ट
दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा अलर्ट सामने आने का यह पहला मामला नहीं है. 2024 में भी स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली और पंजाब को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी हमले से जुड़ा इनपुट मिला था.
उस समय एजेंसियों को आशंका थी कि आतंकी संगठन स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं. इसके बाद दिल्ली में महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई थी. लाल किले के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था.
सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और दूसरे निगरानी माध्यमों की मदद से भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था.
2023 में पुलिस को भी किया गया था अलर्ट
2023 में स्वतंत्रता दिवस और जी-20 सम्मेलन से पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने भी अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी थी. पुलिसकर्मियों को संदिग्ध फोन कॉल, सोशल मीडिया गतिविधियों और फर्जी पहचान के जरिए संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिशों को लेकर सावधान किया गया था.
उस समय भी लाल किले और उत्तरी दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई थी. पुलिस की कोशिश थी कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते पकड़ा जा सके.
2025 के लाल किला ब्लास्ट की छाया भी मौजूद
दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर पिछले साल लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की घटना का असर भी है. 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार में विस्फोट हुआ था. इस घटना में कई लोगों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे.
मामले की जांच आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत की गई थी. जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे. इसके बाद लाल किले और उसके आसपास की सुरक्षा को लेकर एजेंसियों ने ज्यादा सतर्कता बरती.
हालांकि, 14 अगस्त 2026 को मिली धमकियों को 2025 की घटना से जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी. दोनों मामलों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही साफ होगा.
फर्जी धमकी को भी गंभीरता से क्यों लिया जाता है
बम की धमकी सही हो या गलत, सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसकी जांच करना जरूरी होता है. किसी सूचना को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है. वहीं फर्जी धमकी के कारण भी पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़े स्तर पर संसाधन लगाने पड़ते हैं.
इसीलिए ऐसी सूचना मिलते ही पहले संबंधित जगह को सुरक्षित किया जाता है. इसके बाद बम निरोधक दस्ते और दूसरी टीमें परिसर की जांच करती हैं. अगर कुछ संदिग्ध नहीं मिलता है तो जांच का अगला चरण धमकी के स्रोत और भेजने वाले की पहचान पर केंद्रित होता है.
राजधानी में बढ़ाई गई निगरानी
15 अगस्त को देखते हुए दिल्ली पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां राजधानी में लगातार निगरानी कर रही हैं. लाल किले के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेट्रो नेटवर्क, बाजार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.
संदिग्ध वाहन और लोगों की जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज की निगरानी बढ़ाई गई है. सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं.
धमकी मिली, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं
फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि जिन स्थानों को धमकी मिली है, वहां जांच के दौरान किसी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए इन धमकियों को फिलहाल होक्स माना जा रहा है.
इसके बावजूद स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले ऐसी घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती जरूर हैं. खासकर तब, जब राजधानी में अगले दिन देश का बड़ा राष्ट्रीय समारोह होने वाला हो.
फिलहाल इन धमकियों को किसी आतंकी साजिश के तौर पर घोषित करना जल्दबाजी होगी. जांच एजेंसियां ई-मेल के स्रोत और इसके पीछे की मंशा का पता लगाने में जुटी हैं. 15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले समारोह को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई है. अब सबकी नजर जांच के अगले अपडेट पर है.