टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देश में वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. शुक्रवार को मुंबई से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में कई सवाल उठे हैं और चुनाव आयोग को इनका जवाब देना चाहिए.
मुंबई के शिवाजी पार्क में जुटे हजारों लोग
मुंबई के शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए पहुंचे. पुलिस के मुताबिक, करीब 4 हजार प्रदर्शनकारी यहां मौजूद थे. प्रदर्शन का आयोजन Cockroach Janta Party यानी CJP की ओर से किया गया. पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया.
शाम 5 बजे तक CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका और पार्टी की लीगल अफेयर्स प्रमुख रत्ना सिंह समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे. प्रदर्शन के दौरान SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए
CJP नेता अभिजीत दिपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नाकामी के कारण लोगों को दो महीने के भीतर दोबारा सड़क पर उतरना पड़ रहा है.
दिल्ली में 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में
मुंबई के साथ दिल्ली में भी SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ. आम आदमी पार्टी के नेताओं, पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी और कई छात्र संगठनों के सदस्यों ने जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन किया. दिल्ली पुलिस ने 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें. यह प्रदर्शन SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर किया गया.
पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वे सरकार की पुलिस से डरने वाले नहीं हैं और ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा.
इन घटनाओं ने चुनाव आयोग के भीतर प्रक्रिया को लेकर चर्चा और सवालों को और बढ़ा दिया है. हालांकि, इन आपत्तियों और उनके संदर्भ को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी व्याख्या है.